राजस्‍थान में यहां बेनीवाल की पार्टी में फूट, हराने के लिए एकजुट हो गई भाजपा कांग्रेस

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Published: 11 Dec 2020, 09:39 PM IST

खींवसर पंचायत समिति के ३१ वार्ड में १५ वार्ड पर कब्जा जमाने वाली रालोपा का गढ़ रालोपा के ही बागी होकर निर्दलीय चुनाव लडऩे वाली सीमा चौधरी ने ढहा दिया

सवाई सिंह हमीराणा @ खींवसर. खींवसर पंचायत समिति के ३१ वार्ड में १५ वार्ड पर कब्जा जमाने वाली रालोपा का गढ़ रालोपा के ही बागी होकर निर्दलीय चुनाव लडऩे वाली सीमा चौधरी ने ढहा दिया। खींवसर में रालोपा को हराने के लिए कांग्रेस और भाजपा एक जाजम पर दिखी। समर्थकों ने गाजे-बाजे के साथ विजयी जुलूस निकाला। खींवसर में प्रधान के नतीजे जानने के लिए सुबह से ही प्रत्याशियों के समर्थक पंचायत समिति के सामने इकठ्ठा हो गए।

दिनभर चली निर्वाचन प्रक्रिया के बाद निर्दलीय प्रत्याशी सीमा बिडियासर ने ६ वोटों से जीत दर्ज की। समर्थकों ने मिठाई बांटी तथा कस्बे में जुलूस निकाला। विजेता प्रत्याशी सीमा बिडियासर को १८ वोट मिले वहीं प्रतिद्वंदी आरएलपी प्रत्याशी सरिता को १२ वोट मिले जबकि एक वोट नोटो को गया। जिससे बिडियासर ने अपनी प्रतिद्वंदी सरिता को ६ वोटों से हराकर प्रधान की सीट पर कब्जा जमाया। मतदान के वक्त सांसद हनुमान बेनीवाल, विधायक नारायण बेनीवाल, कांग्रेसी नेता सिद्धार्थ चौधरी सहित सीआई रूपाराम, श्रीबालाजी थानाधिकारी रमेशसिंह बिठ्ठू के नेतृत्व में भारी जाप्ता तैनात किया गया।


कांग्रेस की रही विशेष भूमिका
निर्दलीय प्रत्याशी बिडियासर की जीत में कांग्रेस के समर्थन की विशेष भूमिका रही। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुखवीर चौधरी ने दो धड़ों में बंट चुकी कांग्रेस को इकठ्ठा कर समर्थन के लिए राजी किया। पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी की पत्नी यशोदा को आरएलपी उम्मीदवार सरिता ने पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में मात दी थी जिसके चलते चौधरी ने निर्दलीय प्रत्याशी सीमा बिडियासर को कांग्रेस का समर्थन दिलाकर आरएलपी प्रत्याशी सरिता को मात देने में मुख्य भूमिका निभाई। वहीं पूर्व पंचायत समिति सदस्य नानकराम हुड्डा व पूर्व सरपंच शेराराम चौधरी ने भी कांग्रेस के निर्वाचित पंचायत समिति सदस्यों को एक जाजम पर बैठाकर सभी को एकमत किया। वहीं कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष इकबाल गौरी ने भी बिडियासर की जीत को विकास के लिए अहम बताया।