पौधों को लगाकर बड़ा करने से श्रेयस्कर कुछ भी नहीं

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Published: 13 Sep 2021, 09:56 PM IST

Nagaur. पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरण प्रेमी हिम्मताराम भांभू ने कहा कि धरती पर पौधे लगाकर इसे बड़ा करने से श्रेयस्कर कुछ भी नहीं है

नागौर. पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरण प्रेमी हिम्मताराम भांभू ने कहा कि धरती पर पौधे लगाकर इसे बड़ा करने से श्रेयस्कर कुछ भी नहीं है। यह पेड़ रहेंगे तो फिर जीवन भी रहेगा। भांभू सोमवार को बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय एवं सिखवाल डेयरी के संयुक्त तत्वावधान में हुए वन महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे। इस दौरान पचास छायादार एवं फूलदार पौधे लगाए गए। भांभू ने कहा कि पेड़ नहीं रहेंगे तो यह धरती तो कंक्रीटों के जंगल में बदल जाएगी। कंक्रीटों के ऐसे जंगल में मानव ही नहीं, सभी जीवों का दम घुट जाएगा। कहने का अर्थ है कि धरती पर से जीवन ही समाप्त हो जाएगा। पशुपालन के संयुक्त निदेशक डॉ. जगदीश बरबड़ ने कहा कि पेड़ों की पर्यावरण में भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके लिए लोगों को खुद प्रयास करना होगा। पौधे लगाकर इसे सुरक्षित रखने की महती जिम्मेदारी भी निभानी होगी। ऐसा नहीं किया गया इसके सभी को व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास करना होगा। उपनिदेशक एवं बहुउद्देशीय चिकित्सा प्रभारी डॉ. नरेन्द्र प्रकाश चौधरी ने कहा कि हरियाली सभी को अच्छी लगती है। पर्यावरण का पूरा चक्र पेड़ ही नियंत्रित करते हैं। पेड़ ही नहीं रहेंगे तो फिर पर्यावरण का चक्र ही बिगड़ जाएगा। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। इस दौरान पशुधन सहायक लक्ष्मी, मनफूल, सना, कविता एवं मीना चौधरी ने पर्यावरण पर आधारित रंगोली बनाई। रंगोली में पूरे पर्यावरण के बिगड़ते चक्र को दर्शाया गया था। इसमें डॉ. सुरेन्द्र चौधरी, डॉ. महेन्द्र छंगाणी, डॉ. जयपाल इनाणियां व सिखवाल डेयरी संचालक मनोज कुमार आदि मौजूद थे।
विद्यालय में पौधे लगाए।
नागौर. राउप्रावि मेघवालों की ढाणियां गूढ़ा भगवानदास में पौधे लगाए गए। पौधे कांकरिया विद्यालय के व्याख्याता धनराज खोजा ने लगाया। इस मौके पर खोजा ने पेड़ों की पर्यावरण में महत्ता पर प्रकाश डाला। इसमें मनोज गालवा, किसनाराम सारण, ओमप्रकाश देग व जस्साराम आदि मोजूद थे।
फोटो नंबर नौ-नागौर. ाउप्रावि मेघवालों की ढाणियां गूढ़ा भगवानदास में पौधे लगाते हुए
राष्ट्रहित पर चर्चा
नागौर. भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय मंत्री त्रिभुवन शर्मा एवं राजस्थान उत्तर प्रांत के प्रांतीय महासचिव रितेश अरोड़ा के साथ क्षेत्रीय मंत्री नृत्यगोपाल मित्तल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीयहित को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि इससे श्रेयस्कर कोई कार्य नहीं है। संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता एवं संस्कृति सप्ताह प्रतियोगिता सहित अनेक प्रकार की ऑनलाइन प्रतियोगिताओं की जानकारी दी गई। इसमें हरिराम धारणिया, पूर्व संरक्षक चंद्रशेखर शर्मा , शाखा अध्यक्ष कैलाश सारड़ा , शाखा सचिव रवि प्रकाश सोनी , वित्त सचिव चरण प्रकाश डागा , संरक्षक मंडल में हरिराम धारणिया , उम्मेद सिंह राजपुरोहित , गुरु वंदन छात्र अभिनंदन प्रकल्प प्रभारी बजरंग लाल शर्मा आदि उपस्थित थे।