मूण्डवा के मेगा फूड पार्क का बनेगा ले-आउट प्लान

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Published: 27 Sep 2021, 09:21 PM IST

जिला कलक्टर ने ली समीक्षा बैठक, कहा- पेंशन संबंधी प्रकरणों के निस्तारण में कोताही बर्दाश्त नहीं
- ग्रामीण ओलंपिक खेलों के लिए प्लानिंग से काम करें
- प्रशासन गांवों के संग व प्रशासन शहरों के संग अभियान को हर हाल में बनाएं सफल

नागौर. जिले के रीको औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और नव स्वीकृति से जुड़े मसलों को लेकर सोमवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कृषि उपज मंडी सचिव को निर्देश दिए कि मूण्डवा में मेगा फूड पार्क को लेकर पूरा ले-आउट प्लान तैयार किया जाए, इसके लिए राजस्थान व पड़ौसी राज्यों में विकसित किए गए मेगा फूड पार्क से जुड़े प्रोजेक्ट प्लान का भी अध्ययन करें।
जिला कलक्टर सोनी ने सोमवार शाम को समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, कार्यक्रमों व गतिविधियों से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में सबसे पहले ग्रामीण ओलंपिक खेलों के आयोजन को लेकर चल रही तैयारियों की प्रगति रिपोर्ट पर समीक्षा करते हुए कलक्टर सोनी ने जिला खेल अधिकारी को निर्देश दिए कि राज्य में पहली बार आयोजित किए जा रहे इन ग्रामीण ओलंपिक खेलों में नागौर जिले का प्रदर्शन बेहत्तरीन रहे, इसके लिए हर स्तर पर पूरी मेहनत करें। अधिक से अधिक खिलाडिय़ों का पंजीयन करें और ग्रामीण ओलंपिक में निर्धारित किए गए खेलों की टीमों के लिए खिलाडिय़ों का पंजीयन होने के बाद टीमों का गठन किया जाए। उन्होंने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को इस कार्य में जिला खेल अधिकारी का पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए। सेवानिवृत कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि इस मामले में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, पेंशनर्स की समस्याओं का निस्तारण हर हाल में तय अवधि में किया जाएं।

अभियान में सहयोग करें सभी अधिकारी
प्रशासन गांवों के संग तथा प्रशासन शहरों के संग अभियान की तैयारियों को लेकर आयोजित किए प्री कैंपों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए कलक्टर डॉ. सोनी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग इस अभियान की सफलता में अपना शत-प्रतिशत योगदान दें। अभियान का आगाज दो अक्टूबर से किया जाएगा। इसे लेकर ग्राम पंचायत वार बनाए गए कैंप शिड्युल के मुताबिक संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी अपने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित कर दें। अभियान के तहत पानी, बिजली, सडक़ व अतिक्रमण से जुड़े मामलों को गंभीरता से लें और यथासंभव प्री कैम्पों में ही इसकी पूरी कसरत कर लें। कलक्टर ने संयुक्त निदेशक डीओआईटी को निर्देश दिए कि अभियान के तहत गांवों तथा शहरों में लगने वाले शिविरों में ई-मित्र संचालकों की सेवाएं ली जाएं।

मेला मैदान की चारदीवारी करवाएं
कलक्टर ने जिला आयुर्वेद अधिकारी को निर्देश दिए कि जिला आयुर्वेदिक अस्पताल परिसर को स्वच्छ और सुंदर रखें तथा यहां योगा की सुविधा भी आमजन को जल्द मुहैया करवाई जाए। डॉ. सोनी ने पशुपालन विभाग के उप निदेशक को निर्देश दिए कि मेला मैदान की चारदीवारी का काम योजनाबद्ध तरीके से शुरू करवाएं और इसमें जनप्रतिनिधियों, भामाशाहों व दानदाताओं से सहयोग लें। उन्होंने टर्की नस्ल की बकरी का पालन करने के लिए पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

वाहनों की पीयूषी जांच करें
कलक्टर ने परिवहन विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि वाहनों की पीयूषी जांच की जाए तथा बालवाहिनी पर पूरी नजर रखें। उन्होंने एनआरएलएम, एनयूएलएम प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए लीड बैंक मैनेजर व योजना के नोडल अधिकारी महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पेयजल, वन विकास, उद्यानिकी, कृषि, सड़क, विद्युत सुविधाओं से जुड़े विषयों पर भी जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का निस्तारण भी जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर मोहनलाल खटनावलिया, सहायक कलक्टर रामजस बिश्नोई, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक शंकरलाल बेड़ा, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉॅ. देवराज राव, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र शर्मा, एवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता आरबीसिंह, पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता जगदीशचंद्र व्यास, जिला खेल अधिकारी भंवरराम सियाक, संयुक्त निदेशक डीओआईटी कुम्भाराम, जिला सांख्यिकी अधिकारी भंवरलाल निम्बड, जिला वन अधिकारी ज्ञानचंद सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।