क्लेम अस्वीकृत होने पर समीक्षा के लिए अस्पताल कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

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Published: 24 Jul 2021, 01:35 PM IST

Chief Minister Chiranjeevi Health Insurance Scheme

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के सॉफ्टवेयर में किए जरूरी बदलाव

नागौर. मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (Chief Minister Chiranjeevi Health Insurance Scheme) में अस्पतालों के क्लेम का योजनाबद्ध चरण में निपटारा किया जा रहा है। बीमा कंपनी द्वारा अस्पतालों के अस्वीकृत और कम भुगतान वाले केसेज के निपटारे के लिए अब नया प्रावधान कर इसे अधिक सुविधाजनक और समयबद्ध किया जा रहा है।
राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूणा राजोरिया ने बताया कि यदि किसी सम्बद्ध अस्पताल के क्लेम को बीमा कंपनी द्वारा अस्वीकृत किया जाता है अथवा दावे की राशि में भुगतान कम होता है तो अस्पताल अस्वीकृत/कम भुगतान वाले केस की समीक्षा के लिए के 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर संबंधित अस्पताल, टीपीए और बीमा कंपनी को संयुक्त बैठक कर संबंधित अस्वीकृत क्लेम/कम भुगतान पर समीक्षा कर निर्णय दिया जाना आवश्यक होगा। यदि यह निर्णय अस्पताल के पक्ष में जाता है तो 15 दिनों के भीतर अस्पताल को दावे की समस्त राशि का भुगतान किया जाएगा। यदि अस्पताल निर्णय से संतुष्ट नहीं है, तो उस निर्णय के 15 दिनों के भीतर जिला स्तरीय परिवेदना कमेटी में अपील कर सकता है। ये कमेटी अगले 30 कार्य दिवस के भीतर अपील की जांच कर अपना निर्णय देगी। यदि अस्पताल अब भी डीजीआरसी के निर्णय से असंतुष्ट है, तो 30 दिनों के भीतर राज्य स्तर पर गठित दावा समीक्षा समिति (सीआरसी) में ऑनलाइन मोड के माध्यम से दायर कर अस्वीकृत और कम भुगतान वाले केसेज की समीक्षा करा सकेगा।
राजोरिया ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला अधिकारियों और सम्बद्ध अस्पतालों के प्रतिनिधियों को इस बारें में निर्देश प्रदान किए। उन्होंने बताया कि समयबद्ध चरण में इस प्रक्रिया को इसलिए लागू किया गया है, ताकि अस्पतालों के अस्वीकृत अथवा कम भुगतान वाले केसेज में त्वरित निर्णय लिया जा सके। इसके लिये योजना के सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव भी किए गए हैं।

परिवेदनाओं का जिलेवार त्वरित निस्तारण कर दी जाए राहत
संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी काना राम ने सभी जिला अधिकारियों से कहा कि योजना के अन्तर्गत प्राप्त होने वाली परिवेदनाओं का निस्तारण जिलों से त्वरित हो, जिससे लाभार्थियों को तत्काल राहत दिलाई जा सके। योजना से सबंद्ध किसी भी अस्पताल के द्वारा इलाज से मना करने पर अथवा इलाज के लिए पैसे की मांग की जाती है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। योजना में पंजीकृत प्रत्येक लाभार्थी को योजना का लाभ मिलें, इसके लिए विभाग तत्पर और सजग है। योजना के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी या शिकायत के लिए टोल फ्री नम्बर 1800 180 6127 अथवा 181 पर सम्पर्क किया जा सकता है।