पुरस्कार में मिली संत की संकलित पुस्तक

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Published: 25 Oct 2020, 11:06 PM IST

ऑनलाइन प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित,- लॉक डाउन के दौरान धर्म से सम्बंधित विषयों पर हुई थी प्रतियोगिताएं

नागौर. लॉक डाउन के दौरान धर्म से सम्बंधित ऑनलाइन प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विजेताओं को सम्मानित किया गया। रविवार दोपहर दो बजे जयमल जैन पौषधशाला में प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। अखिल भारतीय श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिखरचंद बेताला परिवार की ओर से डॉ. पदमचंद्र महाराज की संकलित पुस्तक जय ध्वज भाग-4 से नवाजा गया। प्रतियोगिता के दौरान अपने ज्ञान के बल पर जीत हासिल करने वाले प्रतिभागियों को अब पुस्तक से धर्म सम्बंधी और ज्ञान सीखने को मिलेगा।
जयगच्छाधिपति आचार्य पाश्र्वचंद्र महाराज की आज्ञानुवर्तिनी बंगलूरू में विराजित महासती शशिप्रभा, साध्वी इंदुप्रभा आदि ठाणा की प्रेरणा से अखिल भारतीय श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ की बंगलूरू शाखा ने विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं आयोजित की थी। इनमें नागौर के प्रतिभागियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया एवं अपने धार्मिक ज्ञान में वृद्धि की।

इन्हें किया गया सम्मानित
संघ प्रवक्ता संजय पींचा ने बताया कि गौरवशाली जय परंपरा, स्वाध्याय के रंग-आंखों के संग एवं कर्म विज्ञान की ऑनलाइन प्रतियोगिता में पुष्पा ललवानी, भावना बोथरा, गुलाब बोथरा, लवीना ललवानी, रीता ललवानी, दिनेश ललवानी, कल्पना ललवानी, मंजू देवी दुग्गड़, लीना सुराणा, दिव्या बांठिया, राजू देवी सुराणा, प्रेमलता ललवानी, संगीता ललवानी, सुनीता एस. ललवानी, मनन सुराणा, ललिता छल्लानी एवं नागौर संघ मंत्री हरकचंद ललवानी को सम्मानित किया गया।

नवपद ओली तप आराधना
संघ के जितेंद्र चौरडिय़ा ने बताया कि 23 अक्टूबर से नौ दिवसीय नवपद ओली तप आराधना प्रारंभ हुई। कोरोना महामारी के चलते श्रावक-श्राविकाएं अपने-अपने निवास पर ही आराधना कर रहे है। श्रावक संघ की ओर से नागौर में विभिन्न भामाशाहों के सहयोग से लॉकडाउन की शुरुआत से शुरू की गई पशु-पक्षियों की सेवा निरंतर जारी है। संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिदिन सुबह शहर में अलग-अलग जगह घूमकर सेवा की जा रही है। संघ मंत्री हरकचंद ललवानी ने कहा कि जीव दया की प्रेरणा जयगच्छाधिपति आचार्य पाश्र्वचंद्र महाराज, डॉ.पदमचंद्र महाराज से मिली।