नागौर में होगी 13 लाख दुधारू पशुओं की टैगिंग

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Published: 27 Oct 2020, 10:52 AM IST

जिला कलक्टर ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, कृषि विज्ञान केन्द्र में विकसित करेंगे पॉली हाउस

नागौर. नागौर जिले में 13 लाख की संख्या में दुधारू पशु हैं, सभी टैगिंग की जाएगी। इनमें वे दुधारू पशु भी शामिल हैं, जो में पूर्व में लावारिस घूम रहे थे, लेकिन अब उन्हें गोशालाओं में रखा जा रहा है। इस आशय के निर्देश जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने सोमवार को साप्ताहिक समीक्षा में पशुपालन विभाग के अधिकारी को दिए।
कलक्टर सोनी ने निर्देश दिए कि एक साथ अभियान के रूप में इतनी बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं की टैगिंग की जाएगी और इसमें पशुपालन विभाग का हर कार्मिक लक्ष्य आधारित काम करेगा। इन पशुओं की टैगिंग होने से इनका ईनाफ में रजिस्ट्रेशन भी हो जाएगा और इससे उनका 12 डिजिट का पहचान कार्ड उसके मालिक को मिल जाएगा।

बैठक में कलक्टर सोनी ने अजमेर विद्युत वितरण निगम के अभियंता को सुद्रासन में आगामी बुधवार को समस्या समाधान शिविर लगाने के निर्देश दिए। कृषि विभाग के उप निदेशक को कृषि विज्ञान केन्द्र में पॉली हाउस विकसित करने के साथ-साथ किसानों को अपने खेत में पॉली हाउस तकनीक अपनाकर उन्नत कृषक बनने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
जिले में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक को निर्देश दिए कि सोनोग्राफी सेंटर के संचालकों द्वारा शिक्षा के लिए अब तक गोद ली गई बेटियों की संख्या आगामी सप्ताह में 200 तक करें। इसके साथ-साथ जिले की सभी राजकीय कन्या विद्यालयों में बिटिया गौरव डेश बोर्ड लगाने काम भी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए।

इंदौर की तर्ज पर रखें एटीएम मशीन
शहर के सौन्दर्यकरण और पर्यावरण संरक्षण के मामले में एक और कदम आगे बढ़ाते हुए जिला कलक्टर डॉ. सोनी ने नगर परिषद आयुक्त को निर्देश दिए कि इंदौर की तर्ज पर एक ऐसी एटीएम मशीन मंगवाकर नागौर शहर में सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित की जाए, जहां कोई भी व्यक्ति अपने पास रखी पांच पानी की खाली डिस्पोजेबल बोतल डाले और बदले में एक कपड़े का बना कैरी बैग प्राप्त कर ले।

दिव्यांगों को दिलवाएंगे इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए कलक्टर ने निर्देश दिए कि ऐसे दिव्यांग, जो चलने में बिल्कुल अशक्त हों, उन्हें भामाशाहों के सहयोग से इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल मुहैया करवाई जाए। इस पुनीत कार्य में भामाशाहों को प्रेरित करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा खनिज विभाग को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का सहयोग करने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने विभाग के उप निदेशक को निर्देश दिए कि आगामी नवम्बर माह में दिव्यांगों के युवक-युवती परिचय सम्मेलन के आयोजन की पूर्ण तैयारी कर लें। उन्होंने सेरेबलपॉल्सी और मंगोलिज्म रोग से ग्रसित दिव्यांगजनों की सूची तैयार कर उनके उपचार और उत्थान पर भी काम करने के निर्देश दिए।

साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर ने ग्रामीण विकास, मनरेगा, सार्वजनिक निर्माण विभाग, वन विभाग, खनिज विभाग, श्रम एवं रोजगार सहित विभिन्न विभागों की प्रगति पर समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना में अब भी यदि कोई सरकारी कर्मचारी का नाम पाया जाता है तो उसके विरुद्ध वसूली के साथ कठोर अनुशासनात्मक काईवाई की जाएगी।