इस फॉर्मूले से जानिए, कितने दिन में डबल हो जाएगा आपका पैसा

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Published: 10 Nov 2017, 01:02 PM IST

आप आसानी से मात्र कुछ मिनटों में ही ये पता लगा सकते है कि, आपके द्वारा निवेश किया गया पैसा आखिर कितने दिन में डबल हो जाएगा।

इस फॉर्मूले से जानिए, कितने दिन में डबल हो जाएगा आपका पैसा

नई दिल्ली। आप जब कहीं निवेश करते हैं या निवेश करने के बारे में सोचते हैं तो एक सवाल जरूर आपके मन उठता होगा। इस निवेश से आपको कितना फायदा हो सकता है, कितने दिनों में आपके द्वारा निवेश किया गया राशि दोगूना हो जाएगा। इसलिए हम आपको बता दें कि इसके लिए आपको घंटो बैठकर गणित के किसी जटिल सूत्र को हल नहीं करना है। हम आपको एक ऐसा नियम बताते है जिससे की आप आसानी से मात्र कुछ मिनटों में ही ये पता लगा सकते है कि, आपके द्वारा निवेश किया गया पैसा आखिर कितने दिन में डबल हो जाएगा। इसके लिए आपके पहले से निवेश स्कीम या विकल्प पर मिलने वाले ब्याज दर का पता होना चाहिए। इसके लिए हम आपको ऐसा फॉर्मूला बताने जा रहे है जिसे रूल ऑफ 72 कहते हैं।


ऐसे समझें इस रुल को

किसी क्षेत्र में तीन नियम काफी प्रमुख माने जाने है, इन नियमों को रूल ऑफ 72, रुल आफॅ 70 और रुल ऑफ 69.3 कहा जाता हैं। इन नियमों से आप आसानी से इस बात का पता लगा सकते है कि, आखिर कितने दिनों में आपका निवेश का पैसा दोगूना हो जाएगा। यदि आप एक उदाहरण के तौर पर समझें तो, यदि आपने किसी सरकारी स्कीम में अपना पैस निवेश कर रखा है जिसपर आपको 8 फीसदी के दर से ब्याज मिलता है तो, आप 72 में से अपने ब्याज के प्रतिशत को भाग देना होगा। इसके बाद जो भी रिजल्ट होगा, उससे आपको ये पता चल जाएगा की कितने दिनोंं में आपका पैसा डबल हो जाएगा। उपरोक्त उदाहरण में हमने ब्याज दर को 8 माना है, तो इसे 72 से भाग देने पर हमें रिजल्ट के तौर पर 9 मिल रहा हैं। इसका मतलब ये है कि, आपकी पूंजी 9 साल में डबल हो जाएगी।

 

क्या है ये रुल 72 और कैसे करता है काम

इस नियम से आपको अपने निवेश के ब्याज दर के आधार पर ये पता चलता है कि, कितने दिन में आपके निवेश का पैस दोगूना हो जाएगा। इसके लिए आपको 72 से अपने निवेश पर मिलने वाले ब्याज दर से भाग देना होगा। इसके बाद आपको जो भी प्राप्तांक संख्या मिलेगा, उससे ये पता चल जाएगा कि इतने वर्षों में आपका पैसा दोगूना हो जाएगा।

 

इसलिए होता है 72 का इस्तेमाल

अब आपको दिमाग में एक और सवाल कौंध रहा होगा कि, आखिर 72 अंक को ही क्यों चुना गया। 72 अंक को इसलिए चुना गया क्योंकि, यह 1, 2, 3, 4, 6, 8, 9 और 12 का विभाजक है। इसके साथ ही यह ब्याज दर के आधार पर अवधि का सटीक आंकलन कर देता हैं। वहीं 6 से 10 फीसदी के ब्याज दर से अवधि निकालने में भी आसानी होता है।