लगातार आय के लिए निवेशकों का साथी है डेट म्यूचुअल फंड्स

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Published: 09 Dec 2017, 03:00 PM IST

90 दिनों से कम की परिपक्वता वाले डेट बाजार की प्रतिभूतियों में निवेश करता है

नई दिल्ली। बैंकों में सावधि जमा (एफडी) के साथ भारतीयों का पुराना प्रेम सरल ब्याज दरों के परिप्रेक्ष्य में बढ़ता प्रतीत हो रहा है। एक वर्ष की एफडी पर ब्याज की दर वर्तमान में 6.75 प्रतिशत है, जो कि पांच वर्ष पूर्व 9.00 प्रतिशत थी। इसके साथ ही एफडी बहुत तरल नहीं हैं। दूसरी ओर, डेट म्युचुअल फंड को इनके मुकाबले अच्छा रिटर्न मिल रहा है। वह निवेशकों को जोखिम-वापसी और निवेश सीमा के आधार पर अधिक व्यापक डेट बाजार से लाभ का अवसर प्रदान करते हैं। म्युचुअल फंड का उत्पाद होने के नाते निवेशक दूसरे लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि व्यासायिक प्रबंधन, विविधतापूर्ण उत्पाद सूची तक पहुंच, सुविधा और तरलता। आइए जानते हैं कि कैसे डेट फंड निर्धारित आय के निवेश के लिए निवेशकों के साथी हो सकते हैं।

तैयार गणना

डेट फंड डेट बाजार में निर्धारित आय के साधनों में निवेश करते हैं। निवेशक अपनी जोखिम-वापसी के आधार पर डेट फंड के संसार में से चुनाव कर सकते हैं।

लिक्विड फंड्स

यह फंड 90 दिनों से कम की परिपक्वता वाले डेट बाजार की प्रतिभूतियों में निवेश करता है और तुलनात्मक तरलता के साथ बैंक जमा खातों से अधिक प्रतिफल की चाह रखने वाले निवेशकों के लिये अच्छा विकल्प है। कोई जरूरी काम आने पर आप लिक्विड फंड से 50000 रुपए तक तत्काल निकाल सकते हैं।

अल्ट्रा-शॉर्ट-टर्म डेट फंड्स

यह फंड एक वर्ष की परिपक्वता के वाली ऋण प्रतिभूतियों में निवेश करता है और एक वर्ष तक की निवेश सीमा वाले निवेशकों के लिये एक अच्छा विकल्प है।

फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान्स (एफएमपी)

यह फंड बंद अवधि वाले हैं और फंड की परिपक्वता के समान और कम अवधि वाले ऋण साधनों में निवेश करते हैं। यह अवधि विभिन्न परिपक्वताओं की हो सकती है, एक माह से लेकर तीन वर्ष तक। यह मौजूदा लाभों पर निवेश बंद कर देते हैं, इसलिए ब्याज दरों में बदलाव को लेकर कम अस्थिरत होते हैं। यह फंड स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हैं और अंतरिम अवधि में तरलता के लिए क्रम का उपयोग किया जा सकता है, यदि एक्सचेंज पर व्यापार की कमी के कारण छूट आवश्यक हो।

शॉर्ट-टर्म डेट फंड्स

यह फंड एक वर्ष से लेकर पांच वर्ष तक की लघु से लेकर मध्यम अवधि की परिपक्वता वाले ऋण साधनों में निवेश करता है। यह फंड एक वर्ष से लेकर तीन वर्ष तक की सीमा के लिये निवेश किए जा सकते हैं। ब्याज दरों में बदलाव के लिए यह कम संवेदनशील होते हैं, इसलिए यह अवधि आधारित फंड की तुलना में कम जोखिम वाले हैं।

लॉन्ग-टर्म डेट फंड्स

आय और गिल्ट फंड लंबी अवधि के बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं। सामान्य निवेश सीमा तीन वर्ष तक हो सकती है, जिनमें सूचीकरण के लाभ निहित होते हैं। लंबी अवधि के कारण यह फंड ब्याज दरों में बदलाव के लिये अधिक संवेदनशील होते हैं और लाभ में गिरावट के समय लाभदायी होते हैं।

क्रेडिट अपॉर्च्यूनिटी फंड्स

यह फंड ‘एएए’ से कम रेटिंग वाले पेपर्स में अधिक लाभ अर्जित करने के लिए निवेश करते हैं। उच्च जोखिम वापसी वाले निवेशकों के लिए यह अच्छे हैं, क्योंकि उच्च जोखिम न्यून श्रेणी के पेपर्स से जुड़ा है।

निवेश क्यों करें?

डेट म्युचुअल फंड वैसे निवेशकों के लिए एक बेहतर माध्यम है जो फिक्स्ड इनकम चाहते हैं। रिटर्न को बीत करें तो डेट फंड्स ने मुद्रास्फीति को पीछे छोड़ दिया है (लगभग 7 फीसदी ऐतिहासिक रूप से), जो कि निर्धारित आय के साधनों से वास्तविक प्रतिफलों से उम्मीद करना मुश्किल है।

टैक्स छूट का लाभ

इसके अतिरिक्त, डेट फंड में तीन वर्ष या अधिक अवधि तक निवेश करने पर आप टैक्स छूट भी प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, कोई भी डेट फंड रिटर्न की गारंटी नहीं देते हैं, वह मौजूदा बाजार (बाजार से चिन्हित) के अनुसार प्रर्दशन करते हैं। यह फंड निवेश की गई श्रेणी के आधार पर ब्याज दर, तरलता और ऋण जोखिम की विषय-वस्तु हैं। इसलिए, निवेशकों को अपने जोखिम लेने की क्षमता के अनुसार निवेश करना चाहिए। निवेशकों को निवेश से पहले योजना की जानकारी लेनी चाहिए।