ताकत दिखा कर डरा रही फेसबुक, बंद की न्यूज शेयरिंग

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Published: 19 Feb 2021, 08:25 PM IST

- ऑस्ट्रेलिया के दर्शक न्यूज लिंक्स को न देख पाएंगे और न ही साझा कर पाएंगे

कैनबरा. ऑस्ट्रेलियाई सरकार और फेसबुक के बीच लड़ाई चरम पर है। फेसबुक ने ऑस्ट्रेलिया के लोगों के न्यूज देखने और शेयर पर पाबंदी लगा दी है। कंपनी ने इसके लिए सरकार के नए प्रस्तावित कानूनों का हवाला दिया है। ऑस्ट्रेलिया के प्रकाशक फेसबुक में न्यूज प्रकाशित करना जारी रख सकते हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के दर्शक इन लिंक्स को न ही देख और साझा नहीं कर पाएंगे। ऑस्ट्रेलियन यूजर्स राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खबरें साझा नहीं कर पाएंगे। बाहर के यूजर्स भी ऑस्ट्रेलिया की खबरें शेयर नहीं कर सकेंगे। इस लोकल बैन के चलते कई आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हुईं। कोविड, जंगल की आग व तूफान की जानकारी देने वाले पेज खाली हो गए। अग्निशमन, स्वास्थ्य और मौसम विभाग को भी दिक्कत हुई।

चल पड़ा डिलीट फेसबुक मूवमेंट -
फेसबुक की मनमानी से अब लोग फेसबुक का बहिष्कार कर रहे हैं। 'डिलीट फेसबुक' मूवमेंट चला रहे हैं। ट्विटर पर भी फेसबुक को लेकर हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। कई ने फेसबुक ऐप को हटा दिया है।

खुद का पेज भी किया ब्लॉक -
न्यूज से संबंधित पेज ब्लॉक करने के दौरान फेसबुक ने गलती से अपना ही फेसबुक पेज ब्लॉक कर डाला। फेसबुक प्रवक्ता ने कहा जो भी पेज अनजाने में ब्लॉक हो गए हैं, उन्हें दोबारा शुरू करेंगे।

सता रहा यह डर-
फेसबुक को डर है कि कानून लागू हो जाता है तो डिजिटल क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां समाचारों के लिए अदा की जाने वाली रकम को लेकर होने वाली सौदेबाजी में वर्चस्व रखने वाली स्थिति में नहीं होंगी। फेसबुक ने प्रस्तावित 'न्यूज मीडिया बारगेनिंग कोड' के प्रावधानों के तहत भुगतान करने के बजाय आस्ट्रेलिया में लोगों को अपने मंच पर खबरें साझा करने से रोकने की धमकी दी थी।

फेसबुक के समीकरण में कुछ तो गड़बड़
एक तरफ फेसबुक कहती है कि 'समाचारों की समाज और लोकतंत्र में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका है।' वहीं उनका यह भी कहना है कि उन्हें 'समाचार से न्यूनतम व्यापार लाभ है।' इन दोनों बातों को देखें तो फेसबुक का ऑस्ट्रेलिया में समाचार साझा करने या देखने से प्रतिबंधित करने का निर्णय खुद उनकी पहली दो बातों के विपरीत जा रहा है। 

भारत में भी खूब कमाई: फेसबुक और गूगल ने 2018-19 में अपने ऑनलाइन ऐड रेवेन्यू का करीब 70 प्रतिशत (11,500 करोड़ रुपए) भारत से कमाया था। 2022 में यह मार्केट बढ़कर 28,000 करोड़ रुपए का हो जाएगा।