मेहुल चोकसी की कानूनी टीम ने वीडियो के जरिये किया खुलासा, एंटीगुआ से किया गया था किडनैप

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Published: 15 Jun 2021, 09:56 PM IST

मेहुल चोकसी के मामले की देखरेख करने वाली ब्रिटेन की एक कानूनी फर्म ने सोमवार को तस्वीरें और वीडियो जारी करते हुए ये दावा किया है कि उसे एंटीगुआ से किडनैप किया गया था।

लंदन। भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के एंटीगुआ गायब होने के मामले में अब उनके कानून टीम ने एक बड़ा खुलासा किया है। चोकसी के कानूनी टीम ने कुछ तस्वीरें और वीडियो जारी करते हुए दावा किया है कि उन्हें एंटीगुआ से अपहरण किया गया था।

मेहुल चोकसी के मामले की देखरेख करने वाली ब्रिटेन की एक कानूनी फर्म ने सोमवार को तस्वीरें और वीडियो जारी किया है। हालांकि, अभी तक इस वीडियो की सत्यतता को लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है।

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मालूम हो कि चोकसी 23 मई को एंटीगुआ से लापता हो गया था और डोमिनिका में पकड़ा गया था। भारत में प्रत्यर्पण से बचने के संभावित प्रयास में एंटीगुआ और बारबुडा से कथित रूप से भाग जाने के बाद पुलिस द्वारा उस पर डोमिनिका में अवैध प्रवेश का आरोप लगाया गया था।

23 मई को एंटीगुआ से गायब हो गया था चोकसी

एंटीगुआ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चोकसी की कानूनी टीम द्वारा जारी किए गए तस्वीरें और वीडियो में कथित तौर पर भारतीय मूल के लोगों सहित व्यक्तियों को दिखाया गया है, जो 23 मई को चोकसी को एंटीगुआ से डोमिनिका ले जाने के लिए एक विस्तृत अभियान में शामिल थे।

जस्टिस अब्रॉड, लॉ फर्म ने दावा किया है कि चोकसी का अपहरण एक महिला परिचित और पुरुषों की मदद से किया गया था, जिन्होंने उसे एक व्हील चेयर से बांध दिया और कम से कम एक अचिह्नित नाव का इस्तेमाल करके उसे एंटीगुआ से डोमिनिका ले जाया गया।

जस्टिस अब्रॉड के माइकल पोलाक ने कहा है कि पूरे प्रकरण के पीछे कानूनी प्रक्रिया को छोटा करके चोकसी को भारत से दूर करने का इरादा था। "इस मामले में सबूत से पता चलता है कि चोकसी को एंटीगुआ से अपहरण कर लिया गया था और अवैध रूप से डोमिनिका को भेज दिया गया था।" पोलाक के हवाले से एंटिगुआ मीडिया में कहा गया कि हमारा मानना है, उनका उद्देश्य एंटीगुआ और डोमिनिका में उचित कानूनी प्रक्रियाओं को दरकिनार कर भारत ले जाना था।

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मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए, कैरेबियाई समाचार पोर्टल ने आगे बताया कि दस्तावेजों और तस्वीरों में डोमिनिका में मुकदमा लड़ने वाली कानूनी टीम कुछ लोगों को दिखाती है जो एक नाव के डेक पर भारतीय मूल के प्रतीत होते हैं, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर चोकसी को एंटीगुआ से ले जाने के लिए किया गया था। कानूनी टीम द्वारा साझा किए गए दो वीडियो में एक अज्ञात नाव को कथित तौर पर चोकसी को 8 किमी प्रति घंटे की से अधिक तेज गति से ले जाते हुए दिखाया गया है।

चोकसी की कानूनी टीम का दावा है कि वह 23 मई की शाम एंटिगुआ में अपने हालिया परिचित बारबरा जराबिक के समुद्र तट पर स्थित विला में आया था और जल्द ही पुरुषों के एक समूह ने उसे दबोच लिया। इसके बाद "बाहर आकर उसे पीटा"। उसे चाकू की नोंक पर व्हील चेयर से बांध दिया गया और उसे एक अज्ञात नाव पर रखा गया।

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चोकसी की टीम दावा कर रही है कि वह एंटीगुआ से संबंधित है क्योंकि उसने 2018 में उस द्वीप की नागरिकता हासिल कर ली थी। इस बीच, भारतीय अधिकारियों ने डोमिनिका उच्च न्यायालय को अपने हलफनामे में बताया कि चोकसी एक भारतीय नागरिक है और वह नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत गलती से नागरिकता के त्याग का दावा कर रहा है। मालूम हो कि 62 वर्षीय भगोड़ा पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में भारत में वांछित है।