राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र सतीश धुपेलिया का कोरोना संक्रमण से निधन

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Updated: 23 Nov 2020, 10:17 PM IST

HIGHLIGHTS

  • राष्ट्रपति महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi ) के प्रपौत्र सतीश धुपेलिया का रविवार को कोरोना वायरस ( Coronavirus ) की चपेट में आने से निधन हो गया।
  • सतीश धुपेलिया 66 वर्ष के थे और तीन दिन पहले ही उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया था।

जोहानिसबर्ग। कोरोना महामारी ( Coronavirus Epidemic ) से पूरी दुनिया जूझ रही है और इसकी चपेट में आने से लाखों लोगों की अब तक मौत हो चुकी है, वहीं करोड़ों लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। दुनियाभर के कई बड़ी शख्सियत और दिग्गजों की जान इस वायरस ने ली है।

इसी कड़ी में भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र सतीश धुपेलिया ( SatishDhupelia Passed Away ) का रविवार को कोरोना वायरस की चपेट में आने से निधन हो गया। दक्षिण अफ्रीकी मूल के सतीश धुपेलिया कोरोना की चपेट में आने के बाद से कई जटिलताओं ( Covid-19 post complications ) से जूझ रहे थे।

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सतीश धुपेलिया 66 वर्ष के थे और तीन दिन पहले ही उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया था। उनके परिवार ने जानकारी देते हुए बताया कि सतीश धुपेलिया ने रविवार को आखिरी सांस ली।

एक माह से निमोनिया से थे पीड़ित

सतीश धुपेलिया की बहन उमा धुपेलिया-मेस्थरी ने पुष्टि करते हुए बताया कि उनके भाई की कोरोना वायरस संबंधित जटिलताओं से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि उनके भाई को निमोनिया हुआ था। वह एक महीने से इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे। वहीं पर वे कोरोना की चपेट में आ गए।

उमा धुपेलिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया ‘निमोनिया से एक माह पीड़ित रहने के बाद मेरे प्यारे भाई का निधन हो गया। अस्पताल में उपचार के दौरान वह कोरोना की चपेट में आ गए थे। आज शाम उन्हें दिल का दौरा पड़ा'।

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बता दें कि सतीश धुपेलिया के परिवार में दो बहनें उमा और कीर्ति मेनन हैं। दोनों यहीं पर रहती हैं। ये तीनों भाई-बहन मणिलाल गांधी के वारिस हैं। महात्मा गांधी जब दक्षिण अफ्रीका में थे तब अश्वेतों के खिलाफ हो रहे अत्याचार के खिलाफ मुहिम शुरू की थी। इसके बाद जब वे भारत लौटे तो उन्होंने मणिलाल गांधी को दक्षिण अफ्रीका में ही छोड़ दिया था।