धरती के बेहद करीब से आज गुजरने वाले हैं चार एस्‍ट्रॉयड, वैज्ञानिकों की पैनी नजर

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Updated: 21 Jul 2021, 09:28 PM IST

नासा ने जानकारी साझा करते हुए बताया है कि आज धरती के पास से चार एस्‍ट्रॉयड गुजरने वाले हैं, जिनका आकार एक घर से लेकर एक बड़े हवाई जहाज तक का है।

नई दिल्‍ली। रहस्यों से भरे अंतरिक्ष में हर दिन औ हल कुछ न कुछ ऐसी गतिविधियां होती रहती हैं, जिसका सीधा असर धरती पर पड़ती है। अब पृथ्वी के बेहद करीब से चार एस्ट्रॉयड गुजरने वाले हैं। इन सभी एस्ट्रॉयड पर वैज्ञानिकों की पैनी नजर है।

जानकारी के मुताबाकि, बुधवार (21 जुलाई) को धरती के बेहद करीब से चार एस्ट्रॉयड गुजरने वाले हैं। इन सभी एस्ट्रॉयड की गतिविधियों पर वैज्ञानिक अपनी नजरें बनाए हुए हैं। नासा ने जानकारी साझा करते हुए बताया है कि जो आज एस्‍ट्रॉयड धरती के पास से गुजरने वाले हैं उनका आकार एक घर से लेकर एक बड़े हवाई जहाज तक का है।

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नासा की वेबसाइट के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने चारों एस्ट्रॉटयड का नाम 2021 NO3, 2021 NO2, 2021 NA8 और 2021 NB6 रखा है। नासा ने बताया है कि 2021 OP नाम का एस्‍ट्रॉयड, जिनका आकार करीब 140 फीट (विमान जितना) था, 20 जुलाई 2021 को धरती से करीब 6936273 किमी की दूरी से निकल गया।

विमान जितना बड़ा है एक एस्ट्रॉयड

अब बुधवार (21 जुलाई) को धरती के करीब से गुजरने वाले एस्ट्रॉयड 2021 एनबी6 का आकार 53 फीट है। यह पृथ्वी से 914107 किमी की दूरी से गुजरने वाला है। जबकि करीब 64 फीट चौड़ा 2021 एनए 8 एस्‍ट्रॉयड 1446800 किमी की दूरी से गुजरने वाला है। 2021 एनओ2 एस्‍ट्रॉयड आकार में 63 फीट चौड़ा है और यह पृथ्वी से 2671511 किमी की दूरी से गुजरेगा। इसके अलावा 2021 एनओ3 एस्‍ट्रॉयड जो कि चारों में सबसे बड़ा (210 फीट, एक विमान से भी बड़ा) का है, धरती से करीब 3572744 किमी की दूरी से गुजरेगा।

इस वजह से धरती के करीब से गुजरते हैं क्षद्रग्रह

आपको बता दें कि हमारी धरती से करीब 6 लाख मील की दूरी पर एक एस्‍ट्रॉयड बेल्‍ट है। इस बेल्ट में करोड़ों-अरबों की संख्या में एस्‍ट्रॉयड चक्कर लगा रहे हैं। कुछ एस्ट्रॉयड आकार में बहुत बड़े-बड़े हैं। ऐसे में चक्कर लगाते-लगाते कई बार एक-दूसरे से टक्कर हो जाती है और फिर उसका टुकडा उस बेल्ट से बाहर आ जाता है। ब्रह्मांड में चक्कर लगाते ये एस्ट्रॉयड धरती के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण बेहद करीब आ जाता है।

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हालांकि, एस्ट्रॉयड के आकार से यह तय होता है कि वह धरती से टकराएगा या नहीं। क्योंकि, हल्के आकार के एस्ट्रॉयड पृथ्वी के वायुमंडल में ही घर्षण की वजह से जलकर खत्म हो जाता है और बड़े आकार के एस्ट्रॉयड धरती से टकरा जाते हैं। फरवरी 2013 में एक एस्‍ट्रॉयड रूस के चेल्‍याबिंस्‍क में गिरा था। इसकी वजह से वहां एक बड़ा सा गड्ढा हो गया था और भूकंप के झटके भी महसूस किए गए थे। इसके अलावा भी कई बार धरती से एस्ट्रॉयड टकरा चुके हैं।