ट्रंप की कोर्ट में भी शिकस्त: जॉर्जिया में फिर से वोटों की गिनती और पेंसिलवेनिया में मेल-इन बैलेट्स रद्द करने की मांग नामंजूर

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Published: 24 Nov 2020, 10:59 AM IST

Highlights.

- जॉर्जिया में कोर्ट ने ट्रंप खेमे की उस अपील को ठुकरा दिया, जिसमें दूसरी बार रि-काउंट की मांग की गई थी

- जॉर्जिया में एक बार रि-काउंट हो चुका है, नतीजों से साफ हुआ कि यहां बाइडन को ही जीत मिली है

- पेंसिलवेनिया के एक कोर्ट ने भी साफ कर दिया कि मेल-इन बैलेट्स रद्द नहीं होंगे

नई दिल्ली।

निवर्तमान राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की हार पर अब अमरीकी अदालतें भी मुहर लगाने लगी हैं। पेंसिलवेनिया और जॉर्जिया की अदालतों के फैसलों ने साफ कर दिया है कि ट्रंप खेमे की ओर से लगाए जा रहे चुनावी धांधली के आरोपों में दम नहीं है।

जॉर्जिया में कोर्ट ने ट्रंप खेमे की उस अपील को ठुकरा दिया जिसमें दूसरी बार रि-काउंट की मांग की गई थी। जॉर्जिया में एक बार रि-काउंट हो चुका है। नतीजों से साफ हो गया कि इस राज्य में बाइडन को ही जीत मिली है लेकिन ट्रंप कैंपेन फिर रि-काउंट की मांग कर रहा है। कोर्ट और चुनाव आयोग इसे खारिज कर चुके हैं।

पेंसिलवेनिया के एक कोर्ट ने साफ कर दिया कि मेल-इन बैलेट्स रद्द नहीं होंगे। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन को यहां 81 हजार वोटों से जीत मिली है। ट्रंप टीम ने पेंसिलवेनिया के चुनावी नतीजे रद्द करने की अपील फिर से डाली है। पहले की गई अपील को जज मैथ्यू रद्द कर चुके हैं।

ऐसे हाथ-पैर मार रहे ट्रंप

अपनी कुर्सी बचाने के लिए ट्रंप इलेक्टर्स को प्रभावित करने की कोशिशों में लगे हैं। ऐसी खबरें आई हैं कि उन्होंने डेट्रॉयट के नतीजों को सर्टिफाई करने से इनकार करने वाले रिपब्लिकन अधिकारियों को फोन किया। वहीं, मिशिगन रिपब्लिकन प्रतिनिधियों को भी वाइट हाउस जाने का न्योता मिला है। बाइडन 20 जनवरी को राष्ट्रपति की शपथ लेंगे। उन्हें ट्रंप से 6 लाख पॉपुलर वोट्स ज्यादा मिले हैं।

इन तारीखों पर रहेगी नजर

जितना हो सके उतने राज्यों में 8 दिसंबर को होने वाली वोट प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को रोकना। वह चाहे कानूनी मुकदमे से हो या रिपब्लिकन रुझान के अधिकारियों द्वारा आपत्ति उठाने से। जहां बाइडन बहुत कम अंतर से जीते हैं उन राज्यों के रिपब्लिकन प्रतिनिधियों को पॉपुलर वोट नतीजों को खारिज करने के लिए मनाना। प्रतिनिधियों को मनाना कि वे अपने राज्य के इले टोरल कॉलेज के वोटों को 14 दिसंबर को बाइडन की बजाय ट्रंप को दे दें। ऐसा पर्याप्त राज्यों में करना जैसे विस्कॉन्सिन, मिशिगन और पेंसिलवेनिया में, ताकि ट्रंप के 232 इलेक्टोरल वोट का आंकड़ा 270 के जीत के आंकड़े को पार कर सके

बाइडन कैबिनेट की घोषणा आज

प्रेसिडेंट इलेक्ट बाइडन मंगलवार को अपनी पहली कैबिनेट घोषित करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक बाइडन की टीम में एंथनी जे. लिंकन को सेक्रेटरी ऑफ स्टेट, जैक सुलिवन को एनएसए तथा लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड को यूएन में अमरीकी राजदूत बनाया जा सकता है। इधर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ने कहा है कि वे कानूनी लड़ाई का फैसला आने तक इंतजार करेंगे, तभी बाइडन को बधाई देंगे, उससे पहले नहीं।

इन्होंने भी की सत्ता हस्तांतरण की मांग

अमरीका के 100 से अधिक राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों ने ट्रंप को पत्र लिख, सत्ता हस्तांतरण शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि देरी से राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोखिम आ सकता है। इनमें पूर्व होमलैंड सुरक्षा सचिव टॉम रिज, सीआइए पूर्व निदेशक माइकल हेडन, राष्ट्रीय खुफिया विभाग के पूर्व निदेशक जॉन डी. नेग्रोपोंटे शामिल हैं।