20 मिनट में आएगी Corona की पॉजिटिव या निगेटिव रिपोर्ट, एक दिन में 16,800 लोगों का होगा Test

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Published: 22 Jul 2020, 09:20 AM IST

Highlights
- कोरोना वायरस टेस्ट (Coronavirus Test) होने में ज्यादा समय लगता है
- हालांकि कम समय में जांच रिपोर्ट (Coronavirus Test Report) देने के कई तरीके सामने आ चुके हैं
- इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया (Australia) ने भी इसका तोड़ निकाला है

नई दिल्ली. इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी की जंग लड़ रही है। इस जानलेवा वायरस की वजह से अब तक भारत (Coronavirus Update) में 11 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं 28 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस (Coronavirus Outbreak) महामारी को खत्म करने के लिए पूरी दुनिया के वैज्ञानिक वैक्सीन की खोज में लगे हुए हैं।

कोरोना वायरस (Coronavirus in India) के ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि लोगों के संक्रमित होने के बाद टेस्ट में देरी की वजह से इसे फैलने में मदद मिलती है। यानी कोरोना वायरस टेस्ट (Coronavirus Test) होने में ज्यादा समय लगता है। हालांकि कम समय में जांच रिपोर्ट (Coronavirus Test Report) देने के कई तरीके सामने आ चुके हैं। इसी क्रम में ऑस्ट्रेलिया (Australia) ने भी इसका तोड़ निकाला है।

20 मिनट में होगी जांच

ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ता (Australian Researcher) ने महज 20 मिनट में कोरोना की जांच करने का तरीका ढूंढ निकाला है। शोधकर्ताओं का दावा है कि ब्लड टेस्ट (Blood test) के जरिए कोरोना की जांच मिनटों में की जा सकेगी।

मोनाश यूनिवर्सिटी में हुई विकसित

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया शोधकर्ताओं (Australian Researcher) ने एक ब्लड टेस्ट (Blood test) विकसित किया है। यह ब्लड टेस्ट 20 मिनट में व्यक्ति की रिपोर्ट बता देगा। यह ब्लड टेस्ट मेलबर्न के मोनाश यूनिवर्सिटी (Monash University of Melbourne) के शोधकर्ताओं ने विकसित किया है। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस की गति को व इसकी जांच को जल्द करने में मदद करेगा।

टेस्ट के लिए सैंपल में लिया जाएगा प्लाज्मा

शोधकर्ताओं के मुताबिक, कोरोना की जांच के लिए व्यक्ति के ब्लड सैंपल में से मात्र 25 माइक्रोलीटर प्लाज्मा लिया जाएगा। अगर व्यक्ति को कोरोना संक्रमण हुआ तो इस सैंपल में लाल रक्त कोशिकाएं गुच्छों में दिखाई देने लगेगी। इसे सामान्यत: आंखों से ही देखा जा सकता है। शोधकर्ताओं का दावा है कि कोरोना पॉजिटिव या निगेटिव रिपोर्ट देने में महज 20 मिनट लगेंगे।

एक घंटे में 200 ब्लड सैंपल की होगी जांच

जानकारी हो कि अभी तक कोरोना की जांच स्वैब या पीसीआर टेस्ट के जरिए की जा रही है, जिसमें समय लग रहा है। शोधकर्ताओं का दावा है कि इस नए ब्लड टेस्ट के माध्यम से एक घंटे में 200 ब्लड सैंपल की जांच की जा सकेगी।

24 घंटों में 16,800 जांच करना होगा संभव

वहीं कई अस्पतालों में, जहां हाई डायग्नोस्टिक मशीन उपलब्ध रहती हैं, इनके जरिए एक घंटे में 700 ब्लड सैंपल की जांच की जा सकती है। यानी दिन के हिसाब से देखा जाए तो 24 घंटे में 16,800 जांच करना होगा संभव।

मिलेगी मदद

शोधकर्ताओं का कहना है कि जांच का यह तरीका खासकर उन देशों के लिए ज्यादा मददगार होगी, जो कोरोना संक्रमण से बहुत ज्यादा प्रभावित हैं। जल्द से जल्द इसका उपयोग किया जाएगा।