एस्ट्राजेनेका के साथ फाइजर और मॉडर्ना से भी हो रहे हैं साइड इफेक्ट, सीने में जलन की शिकायत

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Published: 12 Jun 2021, 03:50 PM IST

31 मई तक 16-24 वर्ष के लाभार्थियों में फाइजर या मॉडर्ना के टीके की दूसरी खुराक लगवाने के बाद से ये समस्या सामने आई है।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन सबसे कारगर हथियार माना जा रहा है। मगर इसके साइड इफेक्ट भी देखने को मिल रहे हैं। एस्ट्राजेनेका के बाद अब मॉडर्ना और फाइजर की कोरोना वैक्सीन पर भी सवाल उठने लगे हैं। अमरीका और इस्राइल में दोनों वैक्सीन को लगवाने वाले युवाओं में सीने में जलन की शिकायत सामने आई है।

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अमरीकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार 31 मई तक 16-24 वर्ष के लाभार्थियों में फाइजर या मॉडर्ना के टीके की दूसरी खुराक लगवाने के बाद से ये समस्या सामने आई है। इसे मायोकार्डाइटिस या पेरिकार्डाइटिस कहा जाता है। इसके 275 मामले सामने आए हैं।

475 मामले सामने आए हैं

मायोकार्डाइटिस या पेरिकार्डाइटिस से हृदय या उसके आसपास की मांसपेशियों में सूजन की समस्या सामने आती है। सीने में जलन की समस्या आने लगती है। सीडीसी की माने तो 30 वर्ष से कम उम्र के लोगों में मायोकार्डाइटिस या पेरिकार्डाइटिस के 475 मामले सामने आए हैं। इनमें से 81 फीसदी मामलों में मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।

जानकारों का कहना है कि इन नई बीमारियों से पुरुष अधिक पीड़ित हो रहे हैं। इन लोगों में मॉडर्ना और फाइजर के एम-आरएनए आधारित टीके की दूसरी खुराक लगवाने के बाद इन बीमारियों के लक्षण सामने आए हैं। इस्राइल के स्वास्थ्य मंत्री ने खुलासा किया कि अब यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी भी ऐसी शिकायतों की जांच कर रही है।

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एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के नए साइड इफेक्ट

यूरोप के औषधि नियामक ने शुक्रवार को एस्ट्राजेनेका के टीके से होने वाले प्रभाव की पहचान की है। कैपिलरी लीक सिंड्रोम के अनुसार छोटी-छोटी धमनियों से रक्त स्राव होने लगता है। इस कारण से सीने में जलन और सूजन के अलावा रक्तचाप में गिरावट की समस्या सामने आती है।