Britain: भगोड़ा नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण की सुनवाई पूरी, 25 फरवरी को आएगा फैसला!

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Updated: 09 Jan 2021, 03:54 PM IST

HIGHLIGHTS

  • PNB Scam: भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण ( Nirav Modi Extradition ) को लेकर ब्रिटेन की एक अदालत में सुनवाई पूरी हो चुकी है।
  • दक्षिण- पश्चिम लंदन स्थित वैंड्सवर्थ जेल में बंद नीरव मोदी ने वीडियो लिंक के जरिए इस सुनवाई में भाग लिया।

लंदन। पंजाब नेशनल बैंक ( Punjab National Bank ) के हजारों करोड़ रुपये लेकर फरार हो चुके भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण ( Nirav Modi Extradition ) को लेकर ब्रिटेन की एक अदालत में सुनवाई पूरी हो चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित करने को लेकर अगले महीने 25 फरवरी को अदालत अपना फैसला सुना सकती है।

नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर अंतिम सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी एक पोंजी जैसी योजना की देखरेख कर रहा था जिसकी वजह से भारत के पंजाब नेशनल बैंक ( PNB Scam ) के साथ भारी धोखाधड़ी हुई।

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कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारतीय प्राधिकरण की ओर से ब्रिटेन की क्राउन अभियोजन सेवा ( CPS ) बहस कर रही थी। इस मामले की अंतिम दो दिन की सुनवाई में कहा गया कि CPS धोखाधड़ी और मनी लॉंड्रिंग को लेकर जोर दे रही है, ताकि न्याय हासिल किया जा सके।

वैंड्सवर्थ जेल में बंद है नीरव मोदी

आपको बता दें कि नीरव मोदी दक्षिण- पश्चिम लंदन स्थित वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। वह वीडियो लिंक के जरिए इस सुनवाई में भाग लिया। इस मामले की सुनवाई कर रहे जिला न्यायधीश सैमुएल गूजी ने तमाम सबूतों को देखा। पिछले साल कई बार हुई सुनवाई के दौरान ये सभी सबूत लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किए गए थे।

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मालूम हो कि भारत में एक विशेष अदालत ने PNB घोटाले में भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी की बहन पूर्वी मोदी को सरकारी गवाह यानी अभियोजन पक्ष का गवाह बनाने की अनुमति दे दी है। सोमवार को सरकरी गवाह बनने को लेकर पूर्वी द्वारा दिए गए आवेदन को मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत मामलों को देखने वाले विशेष न्यायाधीश वी सी बर्डे ने स्वीकार कर लिया। यह आदेश मंगलवार को उपलब्ध कराया गया।

आपको बता दें कि पीएनबी में हुए करीब 14,000 करोड़ रुपये के घोटाले का मुख्य आरोपी 48 वर्षीय नीरव मोदी को 19 मार्च 2019 को लंदन के होलबोर्न से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से भारत सरकार लगातार नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर प्रयासरत है।