रिसर्च में खुलासा, Coronavirus से संक्रमित मरीजों के अंदर सात माह बाद भी मिले एंटीबॉडी

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Updated: 24 Oct 2020, 05:50 PM IST

 Highlights

  • कोरोना वायरस (Coronavirus)  संक्रमण से उबर चुके 198 स्वयंसेवकों के शरीर में एंटीबॉडी के स्तर पर शोध किया।
  • वायरस को बेअसर करने के लिए इनका बनना बहुत जरूरी होता है।

वाशिंगटन। कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ने वाले एंटीबॉडी पर शोध में सामने आया है कि यह बीमारी से छुटकारा पाने के सात माह भी मौजूद रहते हैं। ये बीमारी के शुरुआत में बेहद तेजी से बढ़ते हैं और तीन हफ्तों तक विकसित होते रहे हैं। मगर शोध में सामने आया है कि यह शरीर में सात माह बाद भी मौजूद रहते हैं।

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एंटीबॉडी शरीर का एक तत्व है, जिसका निर्माण हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली को बढ़ाने के लिए होता है। वायरस को बेअसर करने के लिए इनका बनना बहुत जरूरी होता है।

कोरोना वायरस से संक्रमित 300 रोगियों और इससे उबर चुके 198 लोगों पर अध्ययन में यह बात सामने आई है। यूरोपियन जर्नल ऑफ इम्युनोलॉजी में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार ये पाया गया कि सार्स-कोव-2 वायरस की चपेट में आने के बाद लोगों के शरीर में छह माह बाद भी एंटीबॉडी तत्व मौजूद रहते हैं।

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पुर्तगाल के प्रमुख संस्थान आईएमएम के वैज्ञानिकों ने अस्पतालों में 300 से अधिक कोरोना से पीड़ित रोगियों और स्वास्थ्य कर्मियों, 2500 यूनिवर्सिटी कर्मचारियों और कोरोना वायरस संक्रमण से उबर चुके 198 स्वयंसेवकों के शरीर में एंटीबॉडी के स्तर पर शोध किया। शोध से पता चलता है कि 90 प्रतिशत लोगों के शरीर में कोविड-19 की चपेट में आने के सात माह बाद भी एंटीबॉडी पाया गया।