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मिस्र: मुस्लिम ब्रदरहुड के 75 समर्थकों को मिली सजा-ए-मौत, राहुल गांधी ने आरएसएस को बताया था इनके जैसा

By Shweta Singh

Sep, 09 2018 03:03:53 (IST)

इस केस में कुल 739 अभियुक्त शामिल थे, जिन्हें हत्या और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को सजा सुनाई गई है।

काहिरा। मिस्र की अदालत ने पांच साल पहले के एक प्रदर्शन के मामले में 75 लोगों के सजा-ए-मौत का ऐलान किया है। इसके साथ ही 2013 के इस मामले में 46 अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बता दें कि मौत की सजा पाने वालों में मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रमुख नेताओं का नाम शामिल है। इस केस में कुल 739 अभियुक्त शामिल थे, जिन्हें हत्या और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को सजा सुनाई गई है।

फोटो जर्नालिस्ट महमूद अबु जैद को पांच साल की सजा

इन सभी के अलावा एक फोटो जर्नालिस्ट महमूद अबु जैद, जिसे 'शौकन' के नाम से भी जाना जाता है, को पांच साल की सजा सुनाई गई है। बता दें कि साल 2013 की अगस्त में शौकन को सुरक्षा बलों और अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थकों के बीच हुए हिंसक लड़ाई की कवरेज करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

739 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा

आपको बता दें कि पांच साल पहले मिस्र की सेना ने उस वक्त के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी को उनके पद से हटा दिया था, जिसके खिलाफ मुस्लिम ब्रदरहुड ने मोर्चा खोला था। देखते-देखते ही उस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था। प्रदर्शन को काबू पाने में सुरक्षा बलों ने पूरी ताकत झोंक दी थी, उस कार्रवाई में करीब 600 लोगों की जान गई थी। हिंसा पर काबू पाने के बाद, इसमें संलिप्त रहे 739 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। जिनके खिलाफ मुकदमा दायर हुआ उन पर हिंसा भड़काने, हत्या और अवैध प्रदर्शन करने सहित अन्य सुरक्षा संबंधी अपराध के आरोप लगाया गया।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने फैसले को हास्यास्पद बताया

इस मामले के कानूनी प्रक्रिया के दौरान ही पांच अभियुक्तों की मौत की खबर आई। इसके अलावा कुल 374 आरोपियों को मुख्य रूप से मोर्सी समर्थक करार देते हुए 15 साल की जेल की सजा सुनाई गई। साथ ही पूर्व राष्ट्रपति के बेटे ओसामा मोर्सी के समेत 22 अन्य को 10 साल जेल की सजा का ऐलान किया गया। हालांकि जानकारी मिल रही है कि इन सभी फैसलों के खिलाफ अपील की जा सकती है। अदालत के इस फैसले पर एमनेस्टी इंटरनेशनल ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे हास्यास्पद बताया। बयान में कहा गया कि इसमें किसी पुलिस अधिकारी के सजा का ऐलान शामिल नहीं है।

राहुल गांधी ने की थी मुस्लिम ब्रदरहुड की आरएसएस से तुलना

गौरतलब है कि शौकन वही मुस्लिम ब्रदरहुड है, राहुल गांधी ने लंदन में जिसकी तुलना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से की थी। बता दें कि वहां के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था, 'आरएसएस की विचारधारा मुस्लिम ब्रदरहुड से मिलती है। यह संस्था भारत की प्रकृति को बदलने की कोशिश में जुटी है।' लंदन में अपने इस बयान के बाद कांग्रेस के टि्वटर हैंडल से इस बारे में ट्विट भी किया गया था। उक्त पोस्ट में लिखा गया, 'आरएसएस भारत की प्रकृति को बदलने की कोशिश कर रहा है। आजतक अन्य किसी पार्टी ने भारत की संस्थाओं पर कब्जा करने के लिए हमला नहीं किया। आरएसएस की सोच अरब देशों की मुस्लिम ब्रदरहुड जैसी है। कांग्रेस जहां देश को जोड़ने में लगी है, वहीं भाजपा-आरएसएस राष्ट्र को तोड़ने में लगे हैं।'

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