Babri demolition की वर्षगांठ पर Asaduddin owaisi बोले, 'अन्याय को कभी मत भूलना'

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Updated: 06 Dec 2020, 08:46 PM IST

  • असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में किए गए अन्याय को याद रखने को कहा
  • मस्जिद के विध्वंस की 28 वीं वर्षगांठ पर, हैदराबाद के सांसद ने ट्विटर पर अपने विचारों को साझा किया

नई दिल्ली। मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ( aimim chief asaduddin owaisi ) ने रविवार को लोगों से अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले ( Babri demolition Case ) में किए गए अन्याय को याद रखने और इस बारे में अगली पीढ़ी को बताने का आग्रह किया। मस्जिद के विध्वंस की 28 वीं वर्षगांठ पर, हैदराबाद के सांसद ने ट्विटर पर अपने विचारों को साझा किया।

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इस अन्याय को कभी मत भूलना

ओवैसी ने कहा कि याद रखें और अगली पीढ़ी को सिखाए : 400 से ज्यादा वर्षो से हमारी बाबरी मस्जिद अयोध्या में खड़ी थी। हमारे पूर्वजों ने इसके हॉल में नमाज अता की, इसके आंगन में एक साथ अपना उपवास तोड़ा और जब वे मर गए, तो बगल के कब्रिस्तान में दफन हो गए। उन्होंने कहा कि 22-23 दिसंबर, 1949 की रात को, हमारी बाबरी मस्जिद पर 42 साल तक अवैध रूप से कब्जे किया गया। 1992 में, आज ही के दिन पूरी दुनिया के सामने हमारी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया था। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को एक दिन की भी सजा नहीं हुई। इस अन्याय को कभी मत भूलना।"

दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे

इस बीच, विभिन्न मुस्लिम संगठनों की अपील पर हैदराबाद और तेलंगाना के कई हिस्सों में इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाया गया। कुछ इलाकों में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। आपको बता दें कि औवेसी अपनी टिप्पणियों और बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले उन्होंने कहा था कि भाजपा शासित राज्यों में 'लव जिहाद' से संबंधित लाया जाने वाला कानून भाजपा की ओर से लोगों को मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बेरोजगारी और आर्थिक संकट की समस्या को सुलझा नहीं पा रही है, इसलिए इनसब चीजों को सामने ला रही है।

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हैदराबाद के सांसद ने कहा था इस तरह के कानून संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन होंगे। उन्हें (भाजपा शासित राज्यों को) संविधान पढ़ना चाहिए। वे इस नफरत में काफी आगे बढ़ गए हैं। यह काम नहीं करेगा