ट्यूमर से पीड़ित बच्चे को दिल्ली से मेरठ पैदल ला रहा था पिता, पुलिस की दरियादिली देखकर उसकी आंखें भर आईं

|

Published: 26 Mar 2020, 02:51 PM IST

Highlights

  • पिता ने मेरठ और गाजियाबाद पुलिस को धन्यवाद कहा
  • दिल्ली के अस्पताल में भर्ती बच्चे को दे दी गई थी छुट्टी
  • पुलिस ने पिता-पुत्र को बाइक से मेरठ तक छुड़वाया

 

मेरठ। मेरठ अपने बीमार बच्चे को लेकर पहुंचे युवक की आंखें मेरठ और गाजियाबाद पुलिस का धन्यवाद करते-करते डबडबा आईं। राजेश ने बताया कि लॉकडाउन का पालन करने के लिए गाजियाबाद पुलिस ने बुधवार को कई जगह सख्ती की, मगर महाराजपुर बॉर्डर पर ऐसा भी मौका भी आया जब वहां मौजूद सभी पुलिसकर्मी ब्रेन ट्यूमर से पीडि़त बच्चे और उसके पिता की सेवा में जुट गए। मेरठ जाने के लिए पैदल ही भटक रहे इन पिता-पुत्र के लिए किसी ने लिफ्ट देने का इंतजाम किया तो किसी ने बाइक को सैनिटाइज किया। कोई मास्क व सैनिटाइज लेकर दौड़ता आया। इसके बाद उसको मेरठ परतापुर बॉर्डर तक पहुंचाया गया। वहां से बीमार बेटे और उसके पिता को मेरठ पुलिस ने घर भेजा। पुलिस की मानवता देख कर युवक राजेश की आंखें भर आई।

यह भी पढ़ेंः Lockdown: मेरठ मंडल में 962 एफआईआर और 14, 820 चालान, कमिश्नर-एडीजी ने कहा कि अब होगी कठोरतम कार्रवाई

दिल्ली से लौट रहे थे पिता पुत्र

मेरठ निवासी एक बच्चा सिर में ट्यूमर की बीमारी से ग्रस्त है। इसका इलाज दिल्ली के सरकारी अस्पताल में चल रहा था। बच्चा अस्पताल में भर्ती था, मगर वर्तमान हालात को देखते हुए अस्पताल ने बच्चे को घर जाने की सलाह दी थी। पिता बुधवार पूर्वाह्न इस मासूम को लेकर लौट रहा था, लेकिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने से दोनों पैदल ही मेरठ आ रहे थे। महाराजपुर बार्डर पर मौजूद गाजियाबाद पुलिस ने बच्चे की हालत और उसके पिता की मजबूरी देखते हुए बाइक सवार की मदद से मेरठ पुहंचवाया। विदा करने से पहले बाइक को सैनिटाइज किया और तीनों को मास्क भी दिए गए।

यह भी पढ़ेंः Corona के खिलाफ नगर निगम के कर्मचारियों की पहल, चौक-चौराहों पर स्लोगन से कर रहे जागरूक

पुलिस ने ये भी किया

लॉकडाउन की वजह से पिछले तीन दिन से लोग घरों में कैद हैं। संकट की इस घड़ी में पुलिस की पीआरवी आमजन की मददगार साबित हो रही हैं। दिन भर में कई बार पुलिस वाले अपना डंडा छोड़ कभी सिलेंडर ढोते तो कभी घरों में बंद लोगों के लिए फल और सब्जियां पहुंचाते नजर आए। मुश्किल में फंसे लोगों का फोन आने पर पुलिस ने सभी आवश्यक सामान घरों तक पहुंचाया और लोगों का विश्वास जीता।