Diwali 2019: दिवाली पर राशि अनुसार करें ये उपाय, मां लक्ष्‍मी की होगी कृपा!

|

Updated: 22 Oct 2019, 03:05 PM IST

Highlights

  • 27 अक्‍टूबर 2019 को मनाया जाएगा Diwali का पर्व
  • अश्विन मास की कार्तिक पक्ष की अमावस्‍या को मनाया जाता है त्‍यौहार
  • शाम 7 बजे से रात 8.36 बजे तक है Laxmi Puja का Shubh Muhurt

मेरठ। पांच दिन का दीपोत्‍सव 25 अक्‍टूबर 2019 (Friday) से शुरू हो जाएगा। 27 अक्‍टूबर 2019 (Sunday) को हिंदुओं का प्रमुख त्‍योहार दिवाली (Diwali) या दीपावली (Deepawali 2019) मनाया जाएगा। शिवनेत्र अस्‍ट्रोलॉजी (Astrology) के सुकुल प्रसाद का कहना है क‍ि अश्विन मास की कार्तिक पक्ष की अमावस्‍या को रोशनी का त्‍यौहार दिवाली मनाया जाता है। दिवाली के दिन राशि के अनुसार उपाय करने से मां लक्ष्‍मी की कृपा प्राप्‍त हो सकती है।

यह भी पढ़ें: Dhanteras 2019: धनतेरस पर भूलकर भी न खरीदें ये 10 चीजें, घर में आ जाएगी कंगाली!

ये हैं उपाय

मेष- रोली का सतिया घर के बाहर मुख्‍य द्वार के दोनों तरफ बनाएं। साथ ही लाल मसूर की दाल, गुड़ और चार मुखी दीपक चौराहें पर रखें।

वृषभ- थोड़ बताशे, चावल और सफेद फूल साफ बहते पानी में बहा दें1

मिथुन- हरा कपड़ा, हरी मूंग की दाल, धतूरा, थोड़ा घी और दूब घास गणेश जी को चढ़ाएं।

कर्क- दूध का पंचामृत बनाकर मिट्टी के पात्र में डालें और मंदिर में शिवलिंग पर चढ़ाएं।

कन्‍या- कुछ सिक्‍के अपनी उम्र के बराबर लाल पोटली में काले धागे से बांधें। उसमें स्‍याही की शीशी और एक छोटी बांसुरी भी रखें। पोटली को एक सुनसान स्‍थान पर मिट्टी में दबा दें। इस राशि के जातक घर में कमलगट्टा शंख 43 दिन तक अपनी तिजोरी में भी रखकर मां लक्ष्‍मी की अनुकंपा प्राप्‍त कर सकते हैं।

तुला- काली गाय को गुलाब की माला पहनाएं और थोड़ा इत्र छिड़कें।

वृश्चिक- थोड़ा आटा और गुड़ चिडि़यों को डालें।

धनु- शहद, अनार और काले तिल अपने और परिवार के ऊपर से 5 बार उतार कर गरीब कोढ़ी को दें।

मकर- श्री सूक्‍त का पाठ 5 बार पढ़ें और काले तिल, कलावा व लाल कनेर के फूल भैरव मंदिर में चढ़ाएं।

कुंभ- शमी की लकड़ी, चमेली का इत्र और नारियल शनि देव को चढ़ाएं।

मीन- इलायची, पान, गुड़, धनिया, चावल और रोली श्री कृष्‍ण को अर्पित करें।

यह भी पढ़ें: Diwali 2019: 27 अक्‍टूबर को है दीपावली, ऐसे करेंगे लक्ष्‍मी पूजा तो होगा धनलाभ

यह है दिवाली का शुभ मुहूर्त

27 अक्‍टूबर 2019- शाम 7 बजे से रात 8.36 बजे तक

प्रदोष काल- शाम 6 बजे से रात 8.36 तक