Chaturmas 2020: इस बार चातुर्मास में 160 साल बाद बन रहा ये अद्भुत संयोग

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Updated: 03 Jul 2020, 10:52 AM IST

Highlights:

-इस बार पौने पांच महीने का चातुर्मास
-सभी प्रकार के मांगलिक शुभ कार्य 24 नवंबर तक स्थगित
-1860 में बना था संयोग

मेरठ। चतुर्मास में इस बार 160 साल बाद अदभुद संयोग बन रहा है। इस बार चातुर्मास पौने पांच महीने का होगा। जबकि प्रतिवर्ष चातुर्मास चार महीने का ही होता है। लेकिन इस बार लीप ईयर और अधिकमास के चलते चातुर्मास चार महीने के स्थान पर पौने पांच महीने का होगा। ज्योतिषाचार्य भारत ज्ञान भूषण के अनुसार इस बार चातुर्मास एक जुलाई से प्रारंभ हो रहा है।

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इस बार चातुर्मास 4 की जगह कुल पौने पांच महीने का होगा। इसके साथ ही इस चातुर्मास को खास भी माना जा रहा है। इसका कारण है लीप ईयर और अधिमास का एक साथ संयोग बनना। जो कि करीब 160 वर्ष बाद बन रहा है। इससे पहले ऐसा संयोग वर्ष 1860 में बना था जब लीप ईयर और अधिकमास दोनों ही एक वर्ष में लगे थे।

चतुर्मास में सभी प्रकार के मांगलिक कार्य स्थगित कर दिए जाते है। अब मुख्य मुहूर्त 25, 26 और 29 नवंबर के अलावा दिसंबर में 8 शुभ मूहुर्त हैं। यानी कि शुभ संस्कार कार्य 24 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दिए गए। अधिकमास 18 सितंबर से लेकर 16 अक्टूबर तक रहेगा। पितृ पक्ष 17 सितंबर को समाप्त होने के एक माह बाद यानी 17 अक्टूबर से नवरात्र प्रारंभ होंगे।

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चतुर्मास का महत्व और ऐसे करें पूजा :-

पंडित दुलीदत्त कौशिक के अनुसार सभी देव अपने आध्यात्मिक लोक में शयन के लिए चले जाते हैं। जिस प्रकार मनुष्य की नींद 8 घंटे की पूर्ण नींद कहलाती है। इसी प्रकार भगवान की योग निंद्रा 4 माह की होती है। इन दिनों में अपने पुण्य कर्मों से अपने को कृतार्थ करें और यज्ञ, जप, तप और दान आदि कर श्री हरि का नाम जपे।इन दिनों में दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके हनुमान का ध्यान करें और उनका जाप करें।