स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी और PFI सदस्यों का इनपुट, सतर्क हुईं सुरक्षा एजेंसियां

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Updated: 14 Aug 2020, 02:10 PM IST

Highlights
-मेरठ में पहले भा गिरफ्तार हो चुके हैं पीएफआई सदस्य
-सुरक्षा एजेंसियों की चप्पे—चप्पे पर नजर

मेरठ। स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी इनपुट और पीएफआई सदस्यों का इनपुट मिलने पर जिले में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर है। जगह—जगह तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। बता दें कि गत 20 दिसंबर 2019 को मेरठ में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। इस हिंसा का जिम्मेदार पीएफआई को माना गया था। इसके बाद दो पीएफआई सदस्यों को एटीएस ने गिरफ्तार भी कर लिया था। मेरठ काफी समय से पीएफआई और अन्य देश विरोधी संगठनों की गतिविधियों का केंद्र रह चुका है। यहां से पहले खालिस्तान आतंकी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

इसके अलावा अभी हाल ही में कैंट विधायक के मोबाइल पर इंटरनेट कॉल आई थी। जिसमें देश विरोधी और पीएम मोदी को झंडा न फहराए देने की बात कही गई थी। इनपुट मिलने के बाद अब जिले में पीएफआई के सदस्यों की तलाश तेज हो गई है। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर पीएफआई से जुड़े लोगों अशांति फैला सकते हैं। इस कारण से सुरक्षा एजेंसियां और मेरठ पुलिस काफी सतर्क हो गई है। शहर में चप्पे चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर है।

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन के बाद से सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस भी कड़े इंतजाम कर रही है। कोरोना महामारी के चलते इस बार कोई भी त्यौहार धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर कोई नहीं मनाए जा रहे हैं। शरारती तत्व किसी तरह की गड़बड़ी कर सकते हैं। कोरोना काल से पहले 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में माहौल बिगाड़ने की साजिश में हिंसा हुई थी। जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी।
पिछले सप्ताह कई विधायक और सत्ताधारी नेताओं के मोबाइल पर इंटरनेट कॉल से धमकियां मिली हैं।

शुक्रवार सुबह शहर में दोनों बस अड्डे के अलावा होटलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस ने बम निरोधक दस्ते के साथ चेकिंग अभियान चलाया। होटलों में रुकने वाले लोगों की आईडी चेक की गई। एसएसपी अजय साहनी ने कहा कि जिले में सभी थाना क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है। चाहनों की तलाशी ली जा रही है। जिले की सीमाओं पर भी जबरदस्त चेकिंग की जा रही है।