यमुनाजल और ब्रजरज लेकर अयोध्या जाएंगी साध्वी ऋतंभरा, कहा- राममंदिर की निःस्वार्थ भाव से लड़ी लड़ाई, आज मिला है फल

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Published: 02 Aug 2020, 08:18 PM IST

अयोध्या (Ayodhya) में श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण (Ram Temple) की आधारशिला में पवित्र ब्रजरज और पवित्र कुंडो का जल भी इस्तेमाल किया जाएगा।

sadhvi ritambhara to go ayodhya with yamuna jal and brajjal

मथुरा. अयोध्या (Ayodhya) में श्रीराम के भव्य मंदिर (Sriram Temple) निर्माण की आधारशिला में ब्रज के प्रमुख स्थलों, मंदिर देवालयों, कुंडों और यमुना जल भी इस्तेमाल किया जाएगा। राम मंदिर आंदोलन में भूमिका निभाने वाली साध्वी ऋतंभरा 4 अगस्त को इसे लेकर अयोध्या के लिए निकलेंगी। इससे पहले उन्होंने प्रमुख संतों-महंतों के सानिध्य में प्राचीन केशीघाट पर आचार्य मृदुलकांत शास्त्री के आचार्यत्व में वैदिक क्रियाओं के साथ विधिवत यमुना पूजन किया गया। साध्वी ऋतंभरा का कहना है कि जब मंजिल मिलती है तो सफर की पीड़ा और पैरों के छाले व उत्पीड़न सब नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमने बहुत कष्ट और पीड़ा झेली है लेकिन हिंदू जाति ने मां प्रसव पीड़ा से भी ज्यादा पीड़ा झेली और इस मंजिल तक पहुंची है। राम मंदिर आंदोलन कोई बातों और नारों से नहीं बल्कि मां के कोख से जन्मे तरुण सेवकों को समर्पित किया गया था। तब हम यहां तक पहुंचे हैं।

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उन्होंने आगे कहा कि निहत्थे कारसेवकों पर गोली चलाई गई। सरयू का जल लाल हो गया था और उस तमाम कष्ट पीड़ा को झेलने के बाद आज हमें यह मंजिल मिली है। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव से किया गया कार्य सफल होता है।

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साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि मंदिर के भूमि पूजन के लिए वह वृंदावन का पवित्र जल और यहां के अमृत के साथ, साधू संतों का आशीर्वाद लेकर जा रही हैं। उन्होंने कहा कि "हम मंदिर भव्य बनाएंगे" के मेरे इस आह्वान पर हजारों नौजवान एकत्र हुए थे। हम अपराधी थे, लेकिन आज अपराध से मुक्त हो गए हैं। अब मंदिर का भव्य निर्माण होने जा रहा है। आपको बता दें कि राम मंदिर की आधारशिला में देश के प्रमुख तीर्थों की मिट्टी, पवित्र नदियों, कुंडों का जल, मंदिर देवालयों के पूजित तत्व का समावेश भी किया जाएगा।