मथुरा-वृंदावन सहित यूपी के तीर्थ क्षेत्रों में नहीं बिकेगी मांस और मदिरा, सीएम योगी का बड़ा फैसला

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Published: 30 Aug 2021, 07:23 PM IST

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद अब मथुरा-वृंदावन सहित प्रदेश के अन्य तीर्थ स्थलों पर मांस और मदिरा की बिक्री रोकने के प्रावधान किए जाएंगे।

मथुरा. कान्हा की नगरी मथुरा में कृष्ण जन्मोत्सव (Krishna Janmashtami 2021) मनाने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने एलान किया है कि तीर्थ क्षेत्रों में मांस (Meat) और मदिरा (Wine) की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाएगा। अभी तक मंदिरों और धर्मस्थलों से 100 मीटर की दूरी पर शराब दुकानें और मांस की दुकानें खोलने पर रोक है। सीएम की इस घोषणा के बाद अब मथुरा-वृंदावन सहित प्रदेश के अन्य तीर्थ स्थलों पर मांस और मद्य की बिक्री रोकने के प्रावधान किए जाएंगे।

सोमवार को सीएम ने कहा 2017 में मथुरा को नगर निगम बनाया गया था। सात तीर्थ घोषित किए थे। अब इंतजाम होगा मथुरा वृंदावन में मद्य मांस की बिक्री पर पाबंदी लगेगी। किसी को उजाड़े बिना सुनियोजित विकास किया जाए। काशी, प्रयागराज, अयोध्या,चित्रकूट, मथुरा, वृंदावन और बरसाना पहले से ही पवित्र तीर्थस्थल घोषित हैं। राज्य सरकार के धर्मार्थ कार्य विभाग के अनुसार तीर्थ स्थलों पर मांस-मदिरा का न तो क्रय विक्रय हो सकेगा और न ही इनका सेवन किया जा सकेगा, ऐसा करने पर इसे अपराध माना जाता है।

मथुरा जिले का वृंदावन क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली एवं भगवान श्रीकृष्ण व उनके ज्येष्ठ भाई बलराम की क्रीड़ास्थली के रूप में विश्व विख्यात है। साथ ही, बरसाना राधारानी की जन्मस्थली और क्रीड़ास्थली है। इन पवित्र स्थानों पर देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने एवं पुण्य लाभ के लिए आते हैं। इन तीर्थस्थलों की पौराणिक महत्ता एवं पर्यटन की दृष्टि से इनके अत्यधिक महत्व को देखते हुए इन्हें पवित्र तीर्थस्थल घोषित करते हुए यह निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि वृंदावन में डेढ़ करोड़ तो बरसाना में 60 लाख श्रद्धालु हर साल पहुंचते है। वृंदावन में 5 हजार से भी ज्यादा मंदिर हैं।

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