रक्षाबंधन पर वृन्दावन के निराश्रित माताएं पीएम मोदी को भेजेंगी 501 राखियां और मास्क

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Updated: 31 Jul 2020, 12:52 PM IST

वृंदावन के सैकड़ों आश्रमों में रहने वाली विधवाओं और माताओं ने इस साल रक्षाबंधन के पर्व पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राखी और वृदावन थीम वाले मास्क भेज रहीं हैं।

मथुरा. वृंदावन के सैकड़ों आश्रमों में रहने वाली विधवाओं और माताओं ने इस साल रक्षाबंधन के पर्व पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राखी और वृदावन थीम वाले मास्क भेज रहीं हैं। विगत वर्ष तक कुछ विधवाएं रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए पीएम के घर जाती थीं। पर इस साल वे कोरोना संकट से प्रधानमंत्री मोदी को राखी बांधने नही जा सकेंगी।

कोरोना संकट से वृंदावन के आश्रमों में रह रही विधवा माताओं को इस रक्षाबंधन पर मोदीजी के घर जाने का अवसर नही मिल पाएगा। लेकिन उन्होंने मोदी जी की छवियों के साथ 501 विशेष राखी तैयार की हैं और समान मात्रा में विशिष्ट वृंदावन-थीम वाले फेस मास्क भी तैयार कर भेज रही हैं। पीएम मोदी की रंगीन फोटो वाली लगभग 501 राखियां मां मीरा और शारदा सागरभग्नि आश्रम में रहने वाली वृद्ध विधवाओं ने तैयार की है।

कोई भी कार्यक्रम संभव नहीं :- सामाजिक कलंक को तोड़ने के उद्देश्य से, प्रसिद्ध सामाजिक सुधारक और सुलभ आंदोलन के संस्थापक डॉ. बिंदेश्वर पाठक ने वृंदावन में रहने वाली विधवाओं के लिए सभी महत्वपूर्ण हिंदू अनुष्ठानों का आयोजन शुरू किया था। रक्षाबंधन भी उसमें से एक है, लेकिन इस बार कोविड संकट के कारण ऐसा कोई कार्यक्रम संभव नहीं है।

राखियों पर पीएम के मास्कयुक्त फोटो :- देश में चल रहे कोरोना संकट ने इन विधवाओं को निराश कर दिया, लेकिन इसने उनके हौसले को चकनाचूर नहीं कर सका, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के लिए राखी और विशेष वृंदावन थीम वाले मास्क तैयार करना शुरू कर दिया। सुलभ होप फाउंडेशन की उपाध्यक्ष विनीता वर्मा ने कहा कि कुछ राखियों में प्रधानमंत्रीजी का मास्कयुक्त फोटो भी है।

संदेश संग बनाई राखियां और मास्क :- व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री को राखी बांधने वाली छबि दासी (75 वर्ष) ने कहाकि पीएम मोदी के लिए राखियां और मास्क बनाएं है, जिसे भेजा जा रहा है, इसमें मैंने व्यक्तिगत रूप से ’सुरक्षित रहें’ और ’आत्मनिर्भर’ जैसे संदेश देने वाले और मोदीजी के ढके हुए चेहरे वाली फ़ोटो के साथ राखी डिज़ाइन की है। उन्होंने डॉ पाठक के लिए मास्क और राखियां भी तैयार की हैं जो उनके कल्याण का ध्यान रखते हैं और वर्ष 2012 से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।