होली, रंगपंचमी और किसान आंदोलन ने रोकी जीटी की रफ्तार

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Published: 12 Mar 2018, 10:00 AM IST

1 मार्च को मुंबई से जनरेटर ट्रांसफार्मर लोड होकर रवाना हो गया, 15 मार्च तक सारनी पहुंचने की है उम्मीद

सारनी. मुंबई से रिपेयर होकर लौट रहे जनरेटर ट्रांसफार्मर (जीटी) की रफ्तार होली, रंगपंचमी और किसान आंदोलन ने धीमी कर दी है। 10 दिनों में सारनी पहुंचने वाला जीटी अब 15 दिनों में पहुंचेगा। यह जानकारी सतपुड़ा पॉवर हाउस के प्रवक्ता वीसी टेलर द्वारा दी गई है। उन्होंने बताया कि 1 मार्च को मुंबई से जनरेटर ट्रांसफार्मर लोड होकर रवाना हो गया है। लेकिन होली पर्व के चलते रास्ते में रूक गया था। कुछ देरी रंगपंचमी के चलते हुई है। अब किसान आंदोलन के कारण जगह-जगह रोका जा रहा है। शनिवार को महाराष्ट्र के चिखली गांव में जीटी की लोकेशन थी। इससे यह तय है कि 15 मार्च के आसपास जनरेटर ट्रांसफार्मर सारनी पहुंच जाएगा।

24 अगस्त को जला था जीटी
सतपुड़ा ताप विद्युत गृह 9 नंबर यूनिट का यह जनरेटर ट्रांसफार्मर 24 अगस्त की रात यूनिट सिंक्रोनाइज करते समय धमाके के साथ जल उठा था। मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा केरल की टेल्क कंपनी से 11 करोड़ रुपए में जीटी खरीदा गया था। जिसकी रिपेयरिंग पर कंपनी का इस बार करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च करने पड़े हैं। इसके अलावा यूनिट बंद रहने से कंपनी को लगातार नुकसान वहन करना पड़ रहा है।

10 अप्रैल तक शुरू होगी यूनिट
पॉवर हाउस के जानकार बता रहे हैं कि 10 अप्रैल तक 210 मेगावाट की 9 नंबर यूनिट शुरू करने की योजना है। बताया जा रहा है कि 15 मार्च को जीटी सारनी पहुंचेगा। इसके बाद कमीशनिंग और टेस्टिंग में 20 दिन से अधिक समय लगेगा। इसलिए कंपनी द्वारा यूनिट को अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह में लाइटअप करने की योजना बनाई है।

1025 मेगावाट उत्पादन
लंबे समय बाद रविवार को सतपुड़ा पॉवर हाउस सारनी से 1025 मेगावाट विद्युत उत्पादन लिया गया। पांच इकाइयां अपनी पूरी क्षमता पर चलने से सतपुड़ा के विद्युत उत्पादन में सुधार आया है। यहां की 6, 7 और 8 नंबर इकाई को 175-175 मेगावाट के लोड पर चलाया जा रहा है। वहीं 250-250 मेगावाट की 10-11 नंबर इकाई को पूरी क्षमता पर चलाया जा रहा है। प्लांट के यार्डों में फिलहाल 50 हजार मीट्रिक टन कोल स्टॉक है।