Share Market Crash : फिस्कल ईयर में शेयर बाजार की तीसरी सबसे बड़ी गिरावट

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Updated: 15 Oct 2020, 06:20 PM IST

  • इस वित्त वर्ष चौथी बार सेंसेक्स 1000 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ
  • आखिरी बार 18 मई को देखने को मिली थी एक हजार से ज्यादा अंकों की गिरावट
  • वित्त वर्ष में आज एक दिन में शेयर बाजार में देखने को मिली है सबसे बड़ी गिरावट

नई दिल्ली। यूरोपीय देशों में एक बार फिर से कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन लगने के कारण वैश्विक बाजारों में जबरदस्त गिरावट के कारण भारतीय शेयर बाजार ( Share Market Crash ) में मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है। यह चौथा मौका है जब इस वित्त वर्ष में शेयर बाजार 1000 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ है। इससे पहले 18 मई को यह आंकड़ा देखने को मिला है। खास बात तो ये है कि मौजूदा वित्त वर्ष में 2000 से ज्यादा अंकों की गिरावट एक ही बार देखने को मिली है। दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक भी करीब 300 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ है। सबसे ज्यादा गिरावट बैंकिंग और आईटी सेक्टर में देखने को मिली है। देश के बड़े बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।

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शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
आज शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। बांबे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1066.33 अंकों की गिरावट के साथ 39728.41 अंकों पर बंद हुआ है। जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 290.70 अंकों की गिरावट के साथ 11680.35 अंकों पर बंद हुआ है। खास बात तो ये है कि शेयर बाजार में लगातार 10 दिनों की गिरावट आने के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली है। वैसे बीएसई स्मॉल कैप 219.24, बीएसई मिड-कैप 261.06 और विदेशी निवेशकों का इंडेक्स सीएनएक्स मिडकैप 301.90 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुए हैं।

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मौजूदा वित्त वर्ष में तीसरी बड़ी गिरावट
आज की 1066 अंकों की गिरावट मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले 18 मई को सेंसेक्स में 1069 अंकों की गिरावट देखने को मिली थी। जबकि उससे पहले 4 मई सेंसेक्स 2000 से ज्यादा अंकों का गोता लगाया था। वहीं 21 अप्रैल 2020 को सेंसेक्स 1011 अंकों की गिरावट देखने को मिली थी। जानकारों की मानें तो अभी तक जो भी गिरावट देखने को मिली है वो सभी कोरोना वायरस की वजह से ही देखने को मिली है। आने वाले दिनों में बाजार में एक बार फिर से गिरावट का दौर देखने को मिल सकता है। आपको बता दें कि आल के दिनों में शेयर बाजार 41 हजार अंकों के करीब पहुंच गया था। जबकि निफ्टी 50 ने 12 हजार अंकों के आंकड़े को क्रॉस कर लिया था।

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बैंकिंग और आईटी सेक्टर में बड़ी गिरावट
आज सेक्टोरल इंडेक्स में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। बैंक एक्सचेंज 934.27 और बैंक निफ्टी में 842 अंकों की गिरावट देखने को मिली है। जबकि आईटी सेक्टर 643.04 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ है। बीएसई हेल्थकेयर और टेक सेक्टर में क्रमश: 339.91 और 297.35 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुए हैं। कैपिटल गुड्स 296.16, बीएसई ऑटो 217.72, तेल और गैस 134.78, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 132.85, बीएसई एफएमसीजी 115.95, बीएसई पीएसयू 73.81 और बीएसई मेटल 70.06 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुए हैं।

बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में गिरावट
आज बैंकिंग सेक्टर सेक्टर के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। बजाज फाइनेंस के शेयर में सबसे ज्यादा 4.58 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। जबकि टेक महिन्द्रा 4.34 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए हैं। इंडसइंड बैंक के शेयर 4.25 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक 4.09 फीसदी और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में 3.85 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं एशियन पेंट्स के शेयरों में 1 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। हीरो मोटोकॉर्प और जेएसडब्ल्यु स्टील के शेयर हरे निशान पर लेकिन सपाट स्तर पर बंद हुए हैं।

आम निवेशकों को 3.28 लाख करोड़ रुपए का नुकसान
आज शेयर बाजार में बड़ी गिरावट की वजह से आम निवेशकों को बड़ा नुकसान भी उठाना पड़ा है। निवेशकों का नुकसान बीएसई के मार्केट कैप से जुड़ा हुआ होता है। अगर बात बुधवार के क्लोजिंग मार्केट कैप की बात करें जो 1,60,56,605.84 करोड़ रुपए था। जबकि आज बाजार बंद होते ही 1,57,28,453.63 करोड़ रुपए रह गया। मतलब साफ है कि बीएसई के मार्केट कैप में आज 328152.21 करोड़ रुपए की गिरावट देखने को मिली। जोकि आम निवेशकों का नुकसान है।