टेक्नीकल फॉल्ट के बाद एनएसई का आया बड़ा बयान, टेक्नोलॉजी में किया इतना खर्च

|

Updated: 28 Feb 2021, 10:52 AM IST

  • एनएसई ने टेक्नोलॉजी सुधार के लिए वार्षिक नकद खर्च को तिगुना बढ़ा कर लगभग 900 करोड़ रुपए किया
  • लगभग 1500 से अधिक कर्मचारियों और वेंडर स्टाफ के मजबूत टेक्नोलॉजी वर्कफोर्स द्वारा संचालित

नई दिल्ली। तकनीकी खामियों की वजह से इस सप्ताह एक दिन कारोबार को कुछ घंटों के लिए बंद किए जाने के मद्देनजर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) ने कहा कि पिछले 3-4 वर्षों से लगातार अपनी टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश किया गया है।

900 करोड़ रुपए किया खर्च
एनएसई ने टेक्नोलॉजी में पूंजीगत और परिचालन व्यय में अपने वार्षिक नकद खर्च को तिगुना बढ़ा कर लगभग 900 करोड़ रुपए कर दिया है। एनएसई की तकनीकी पहल लगभग 1500 से अधिक कर्मचारियों और वेंडर स्टाफ के मजबूत टेक्नोलॉजी वर्कफोर्स द्वारा संचालित है।

यह भी पढ़ेंः- सोना खरीदने का यही है सही समय, दो महीनों में 4500 रुपए सस्ता हुआ सोना

मजबूत है इंफ्रा
एनएसई के पास मजबूत, लचीला, सुरक्षित और 'फॉल्ट-टोलरेंटÓ टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर है जो सिस्को, एचपी, डेल, हिटाची, चेकपॉइंट, पालो ऑल्टो, ओरेकल जैसे वेंडर्स के बेस्ट-इन-क्लास उपकरणों द्वारा समर्थित है और टीसीएस, कॉग्निजेंट, और विप्रो जैसे सक्षम टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा सहायता प्राप्त है।

यह भी पढ़ेंः- फरवरी में करीब 5 रुपए तक बढ़े पेट्रोल और डीजल की कीमत, जानिए कितने हो गए हैं दाम

टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर की होती है समीक्षा
एनएसई के पास मजबूत टेक्नोलॉजी गवर्नेन्स प्रोसेस है, जिसमें स्टैंडिंग कमेटी फॉर टेक्नोलॉजी जैसी समितियों द्वारा नियमित रुप से टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की जाती है तथा टेक्नोलॉजी एक्सपट्र्स होते हैं और खास विशेषज्ञता रखने वाले विभिन्न फर्मों/संस्थानों द्वारा कई प्रकार के ऑडिट भी होते हैं।