गोल्ड ने नहीं बल्कि तांबे ने कराई ज्यादा कमाई, इन्होंने भी सोने को पछाड़ा

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Updated: 22 Feb 2021, 12:58 PM IST

  • बीते एक साल में 112 फीसदी का रिटर्न दे चुका है तांगा, बिटक्वाइन में 1360 फीसदी का रिटर्न
  • क्रूड ऑयल में में निवेश करने वालों को हुआ 448 फीसदी का मुनाफा, सोने में महज 21 फीसदी

नई दिल्ली। बीते एक साल में कमाई के मामले में तांबा सोने पर भारी पड़ रहा है। दोनों का एक ट्रैक रिकॉर्ड देखकर पता चलता है कि रिटर्न देने के मामले में सोना कॉपर के मुकाबले काफी पीछे हैं। आंकड़ा 20 फीसदी और 100 फीसदी के करीब है। सिर्फ कॉपर ही नहीं बल्कि एक साल में चांदी, क्रूड ऑयल और बिटक्वाइन तक ने सोने को रिटर्न देने के मामले में काफी पीछे छोड़ दिया है। वास्तव में सोना अगस्त पर अपने पीक पर था। उसके बाद से सोने में 10 हजार रुपए की गिरावट आ चुकी है। वहीं निवेशक अर्थव्यवस्था खुलने के बाद दूसरी जगहों पर ज्यादा निवेश कर रहे हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सोने से ज्यादा ऐसे कौन से मेटल और करंसी हैं, जिन्होंने ज्यादा कमाई कराई है।

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कॉपर में मिला बेहतरीन रिटर्न
बीते एक साल में कॉपर का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है। डॉलर में गिरावट और टाइट सप्लाई के कारण कॉपर के दाम में तेजी देखने को मिल रही है। रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को इंटरनेशनल मार्केट में कॉपर 9000 डॉलर प्रति पहुंच चुका है। जोकि 2011 के बाद सबसे ज्यादा दाम हैं। वहीं चीनी न्यू ईयर के दौरान कॉपर के दाम में और भी इजाफा देखने को मिल सकता है। बीते तीन महीने में इंटरनेशनल मार्केट में कॉपर में 3.1 फीसदी का इजाफा देखने को मिल चुका है। जिसके बाद दाम सितंबर 2011 के बाद उच्चतम स्तर र पहुंच गए हैं। अगर बात भारतीय वायदा बाजार की करें तो 19 मार्च 2020 को कॉपर 336 रुपए प्रति किलोग्राम के लोएस्ट लेवल पर था, जो आज बढ़कर 708 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। इस दौरान में कॉपर में 107 फीसदी का रिटर्न देखने को मिल चुका है।

कॉपर का गणित
तारीख: 19 मार्च 2020
लोएस्ट प्राइज: 336 रुपए प्रति किलोग्राम
करंट प्राइज: 708 रुपए प्रति किलोग्राम
रिटर्न: 112.50 फीसदी

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बिटक्वाइन की सबसे बड़ी छलांग
क्रिप्टोकरंसी में लॉकडाउन के दौरान निवेश ज्यादा बढ़ा। जिसकी वजह से कीमतों में भी उछाल आया। बीते एक साल में क्रिप्टोकरंसी में बिब्क्वाइन की बात करें तो 1300 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न सामने आ चुका है। बिटक्वाइन जोकि 9 मार्च को 4555 डॉलर प्रति क्वाइन के निचले स्तर पर था वो आज 56100 डॉलर प्रति क्वाइन पर आ चुका है। यानी इस दौर में बतिटकवाइन में निवेश करने वालों को 1360 फीसदी का मुनाफा मिल चुका है।

बिटक्वाइन से हुआ मोटा मुनाफा
तारीख: 9 मार्च 2020
लोएस्ट प्राइज: 4555 डॉलर प्रति क्वाइन
करंट प्राइज: 56100 डॉलर प्रति बैरल
रिटर्न: 1360 फीसदी

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क्रूड ऑयल ने भी कराई खूब कमाई
वहीं क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल ने भी निवेशकों की खूब कमाई कराई है। कॉपर से भी ज्यादा। जी हां, आंकड़ों के अनुसार 28 अप्रैल 2020 को भारत के वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 795 रुपए प्रति बैरल पर पहुंच गया था। जोकि आज 4355 रुपए प्रति बैरल पर आ गया है। यानी कच्चे तेल ने निवेशकों को 448 फीसदी का मोटा रिटर्न दिया। वास्तव में बीते कुछ महीनों से क्रूड ऑयल के दाम में इजाफा देखने को मिला है। जल्द क्रूड ऑयल 4500 रुपए के स्तर को पार कर सकता है।

क्रूड के रूड होने का मिला फायदा
तारीख: 28 अप्रैल 2020
लोएस्ट प्राइज: 795 रुपए प्रति बैरल
करंट प्राइज: 4355 रुपए प्रति बैरल
रिटर्न: 448 फीसदी

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चांदी में भी 100 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न
सोने के मुकाबले में चांदी का मुनाफा काफी ज्यादा देखने को मिला है। चांदी में निवेश करने वालों की चांदी हुई है। आंकड़ों के अनुसार 18 मार्च 2020 को चांदी का लोएस्ट प्राइस 33580 रुपए प्रति किलोग्राम था। जोकि आज 69,300 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए हैं। यानी इस चांदी में निवेश करने वाले लोगों को 107 फीसदी का रिटर्न मिल चुका है।

चांदी ने कराई चांदी
तारीख: 18 मार्च 2020
लोएस्ट प्राइज: 33580 रुपए प्रति किलोग्राम
करंट प्राइज: 69,300 रुपए प्रति किलोग्राम
रिटर्न: 107 फीसदी

बाकी के मुकाबले सोना रहा फीका
बाकी के मुकाबले सोने में निवेश ज्यादा फायदेमंद साबित नहीं हुआ। आंकड़ें कुछ इसी तरह की गवाही दे रहे हैं। 18 मार्च 2020 को सोने का लोएस्ट प्राइज 38,327 रुपए प्रति दस ग्राम था। जोकि 46,300 रुपए प्रति किलोग्राम रुपए पर आ गया। यानी इस दौरान सोने में निवेश करने वालों को 21.30 फीसदी का ही मुनाफा हुआ। वास्तव में अगस्त 2020 के महीने में सोना 56,191 रुपए प्रति दस ग्राम पर चले गए थे। उसके बाद सोना 50 हजार के इर्दगिर्द घूमता रहा। अब यह और टूटकर 46 हजार रुपए की रेंज में आ गया है। यानी सोना 10 हजार रुपए तक सस्ता हो चुका है।

सोने ने ज्यादा नहीं कराई कमाई
तारीख: 18 मार्च 2020
लोएस्ट प्राइज: 38,327 रुपए प्रति दस ग्राम
करंट प्राइज: 46,300 रुपए प्रति किलोग्राम
रिटर्न: 21.30 फीसदी

क्या कहते हैं जानकार?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि आंकड़ें जरूर चौंकाने वाले हैं, लेकिन सच यही है। सोना बीते एक साल में उतना रिटर्न नहीं दे सका, जितनी चांदी और बाकी कमोडिटी प्रोडक्ट्स ने दिया है। खासकर कॉपर और बिटक्वाइन का रिटर्न लाजवाब रहा है। वहीं क्रूड ऑयल में निवेश करने वालों को काफी मुनाफा हुआ है। जिसके आगे भी जारी रहने के आसार हैं। वास्तव में सोने में निवेश एक सेफ जगह है। अब इकोनॉमी खुल रही है। ऐसे में लोगों का रुझान बिटक्वाइन, क्रूड, इक्विटी और बाकी जगहों की ओर जा रहा है।