मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा

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Published: 29 Mar 2018, 05:57 PM IST

मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा

मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा

मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा
वनपुरा यहां क्षेत्र में एक तरफ जनता परेशान हो रही है। वहीं दूसरी ओर पटवारी हड़ताल पर हैं। जिसको लेकर प्रशासन ने उनकी एवज की जगह पर अन्य को कार्यभार सौंप रखा है। विभिन्न योजनाओं में कार्यों की फाइलें भरी जा रही है।
जिस पर पटवारी रिपोर्ट की आवश्यकता होती है। जिसको लेकर ग्रामीण कई बार पटवारी व तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। इसी दौर में यहां रामलाल पुत्र कनिराम मीणा निवासी वनपुरा भी पटवारी के पास रिपोर्ट करवाने गए थे।
जिन्हें टरकाया जा रहा है।
जिसको लेकर रामलाल हताश होकर जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचा। जहां जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया। जिसमें बताया कि ग्राम वनपुरा में महात्मा गांधी जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा संचालित योजना अंतर्गत पात्र कृषकों के अपूर्ण कुओं को गहरा कर पूर्ण कराने की फाइल स्वीकृत हुई है। लेकिन पटवारी आनाकानी करता है।
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हत्या का मास्टर माइंड गिरफ्तार
खेरोट में चार माह पहले हुई थी किसान की हत्या
प्रतापगढ़
कोतवाली थाना क्षेत्र के खेरोट गांव में एक खेत पर 12 नवम्बर 2017 को किसान की हत्या के मुख्य आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उक्त आरोपित से और भी वारदातें खुलने की संभावना है। इस आधार पर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
वृत्त निरीक्षक बाबूलाल मुरारिया ने बताया कि खेरोट निवासी बालुराम(42) पुत्र पूनमचन्द मेघवाल उसके खेत पर सोता था। वह 12 नवम्बर को भी अरनोद रोड स्थित अपने खेत पर मोटरसाइकिल लेकर गया था।
सुबह उसका शव खेत पर संदिग्ध हालत में मिला था। जहां मोटरसाइकिल और मोबाइल गायब थे। इस संबंध में मृतक के पुत्र नरेन्द्र ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने मामले को देखते हुए अनुसंधान किया। अनुसंधान के दौरान साईबर सैल सेे तकनीकी सहायता से साक्ष्य संकलित कर घटना में मदनलाल पुत्र तुलसीराम मीणा निवासरी बनेडिया कला थाना अरनोद एवं महेश पुत्र शिवलाल मीणा निवासी जहाजपुर की संलिप्तता पाई गई।
इस पर एक दिसम्बर को मदनलाल मीणा को गिरफ्तार किया गया। उक्त घटना का मुख्य आरोपी महेश पुत्र शिवलाल मीणा निवासी जहाजपुर थाना प्रतापगढ़ घटना के बाद से फरार चल रहा था। जो मोबाइल सीम एवं जगह बार-बार बदल रहा था।
इसे लेकर पुलिस अधीक्षक शिवराज मीणा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतनलाल भार्गव ने एक टीम का गठन किया। जिसमें पुलिस अधिकारी, हैड कांस्टेबल और कांस्टेबल के साथ साईबर सैल प्रभारी हैड कांस्टेबल फैलीराम को शामिल किया गया।
साईबर सैल के तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महेश की लोकेशन खेरोट में होने से टीम द्वारा घेरा देकर पकड़ा। सख्ती से पूछताछ की गई।उसने साथी मदन के साथ मिलकर बालुराम की हत्या करना कबूल किया। उसे गिरफ्तार किया गया।
पलिस ने बताया कि वह पूर्व में सम्पति संबंधी अपराधों एवं मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त रहा है। जहाजपुर में बाबुलाल मीणा मर्डर केस में भी संलिप्त होने की सम्भावना होने से पूछताछ जारी है।