पत्नी को भरण-पोषण की राशि नहींं देने वाले पति को छह माह का कारावास

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Published: 03 Apr 2018, 09:00 AM IST

न्यायालय के आदेश के बाद भी आरोपी पति द्वारा पत्नी को भरण-पोषण की राशि एवं दहेज में आए सामान को नहीं लौटाया गया था

मुलताई. अपर सत्र न्यायाधीश कृष्णदास महार ने सोमवार को पत्नी से मारपीट करने वाले, पत्नी को ताने मारने वाले एवं पत्नी को भरण पोषण की राशि नहीं देने वाले आरोपी पति को छह माह की सजा एवं एक हजार रुपए जुर्माने की अधिनस्थ न्यायालय द्वारा दी गई सजा की पुष्टि की है। न्यायालय के आदेश के बाद भी आरोपी पति द्वारा पत्नी को भरण-पोषण की राशि एवं दहेज व उपहार में आए सामान को नहीं लौटाया गया था। निचली अदालत द्वारा दी गई सजा से असंतुष्ठ होकर आरोपी पति देवीदास पिता चैतराम नागले निवासी पानझिरी द्वारा अपर सत्र न्यायालय में अपील की गई थी। अपील में न्यायालय को बताया गया था कि उसकी पत्नी द्वारा भरण-पोषण के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट आर प्रजापति के न्यायालय में आवेदन लगाया गया था। जहां से उसे 24 दिसंबर 2013 को आदेशित किया था कि वह अपनी पत्नी के साथ मारपीट ना करें एवं तीन हजार रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण की राशि देने एवं दहेज व उपहार में मिले सामान को पत्नी को वापस लौटाने के आदेश दिए थे। न्यायलय द्वारा बार-बार नोटिस देने के बाद भी आरोपी देवीदास द्वारा पत्नी को ना तो भरण-पोषण की राशि दी गई ना ही दहेज व उपहार में मिले सामान लौटाया गया। जिसके बाद 13 जून 2016 को न्यायिक मजिस्ट्रेट जयदीप सोनवर्से द्वारा आरोपी पति देवीदास पिता चैतराम नागले को 6 महीने की सजा एवं एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
इस सजा के खिलाफ आरोपी पति देवीदास द्वारा अपर सत्र न्यायाधीश कृष्णदास महार के न्यायालय में अपील की थी, जिस पर सोमवार को उक्त सजा को महार द्वारा यथावत रखते हुए दंडादेश की पुष्टि की है।

तीनों आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज
मुलताई. नगर के एक व्यापारी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले तीन आरोपियों की अग्रिम जमानत की याचिका को अपर सत्र न्यायाधीश कृष्णदास महार द्वारा खारिज कर दिया गया है। पुलिस द्वारा इन तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, मामला दर्ज होने के बाद से अभी तक इन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, इनकी गिरफ्तारी के लिए व्यापारियों द्वारा दो बार प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जा चुका है। सोमवार को आरोपी प्रेम बन, फारूख खान, वाजिद खान की ओर से उनके अधिवक्ताओं द्वारा अपर सत्र न्यायाधीश कृष्णदास महार के न्यायालय में याचिका आवेदन प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण के अनुसार व्यापारी जितेश साहू द्वारा 27 फरवरी को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या के कुछ दिनों बाद जितेश की अलमारी से तीन सुसाइड नोट मिले थे। जिसमें प्रेम, फारुख एवं वाजिद के नाम लिखे हुए थे सुसाइड में लिखा था कि इन लोगों से परेशान होकर आत्महत्या करना बताया गया था। जिसके बाद पुलिस द्वारा इन तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया गया था। तीनों की अग्रिम जमानत के लिए सोमवार को अपर स$त्र न्यायाधीश कृष्णदास महार के न्यायालय में आवदेन याचिका प्रस्तुत की गई थी। जिस पर मृतक जितेश की पत्नी दीपिका उर्फ जयश्री साहू द्वारा इन्हें अग्रिम जमानत का लाभ दिए जाने को लेकर अपनी आपत्ती प्रस्तुत की थी। न्यायालय ने तीनों आरोपियों के अग्रिम जमानत आवेदन को निरस्त कर दिया है।