गोल्ड ज्वेलरी पर सरकार का बड़ा ऐलान, 15 जनवरी से हॉलमार्किंग हुई अनिवार्य

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Updated: 30 Nov 2019, 01:56 PM IST

  • देश की जनता को धोखाधड़ी से बचाने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
  • आईबीजेए ने सरकार के फैसले की सराहना की, ग्राहकों का बढ़ेगा विश्वास
  • 31 अक्टूबर 2019 तक देश के 234 जिलों में 877 जांच व हॉलमार्किंग केंद्र

नई दिल्ली। देश में अगले साल 15 जनवरी से सिर्फ बीएसआई हॉलमार्क ( BSI Hallmarking ) वाले सोने के गहने ( Gold Jewelery ) ही बिकेंगे क्योंकि सरकार ने सोने के आभूषण के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य करने की घोषणा कर दी है। हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता की कसौटी होगी। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ( Union Minister of Consumer Affairs, Food and Public Distribution Ram Vilas Paswan ) ने कहा कि 15 जनवरी 2020 से सोने के आभूषणों और कलाकृतियों के लिए पूरे देश में हॉलमार्किंग अनिवार्य होगी। सर्राफा बाजार व आभूषण कारोबारियों के संगठन इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन ( IBJA ) ने सरकार के फैसले की सराहना करते हुए कहा है कि इससे ग्राहकों का विश्वास बढ़ेगा।

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पासवान ने कहा कि इससे सोने की शुद्धता परखने में असमर्थ लोगों को लाभ मिलेगा क्योंकि सोने की प्रमाणिकता देखकर वह खरीदारी कर पाएंगे और उनके साथ धोखाधड़ी नहीं होगी। केंद्रीय मंत्री ने प्रेसवार्ता में कहा कि केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के विभाग की ओर से इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसे लागू करने के लिए एक साल का समय दिया जाएगा और इस दौरान निजी कारोबारी सोने की प्रमाणिकता परखने के लिए नए जांच केंद्र स्थापित करेंगे। ये जांच केंद्र उन जगहों पर होंगे जहां सोने के आभूषणों की मांग बढ़ेगी।

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इस दौरान आभूषण विक्रेताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और खुदरा आभूषण विक्रेता अपने मौजूदा व पुराने स्टॉक को निकाल पाएंगे। पासवान ने कहा कि यह फैसला आम उपभोक्ताओं और आभूषण कारोबारियों को ध्यान में रखकर लिया गया है। आईबीजेए के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि हॉलमार्किं ग अनविार्य करना सरकार द्वारा सही दिशा में उठाया गया कदम है क्योंकि इससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा और सोने के आभूषण कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। मेहता ने कहा, "इससे छोटे और बड़े आभूषण कारोबारियों के बीच समानता आएगी और दोनों एक ही प्रकार की शुद्धता वाला सोना बेचेंगे और उनके बीच बेहतर डिजाइन को लेकर प्रतिस्पर्धा होगी।" मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो ( बीएसआई ) अधिनियम 2016 को 12 अक्टूबर 2017 से और भारतीय मानक ब्यूरो ( हॉलमार्किंग ) विनियमन 2018 को 14 जून 2018 से लागू किया गया।

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मंत्रालय ने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम 2016 के तहत केंद्र सरकार ने सोने आभूषण व कलाकृति की हॉलमार्किंग करने के लिए धारा 14 और 16 के तहत प्रावधानों को सक्षम बनाया है, जिससे सोने के समान बेचने वाले सभी आभूषण विक्रेताओं को बीआईएस के पास पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा और सिर्फ हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण व कलाकृतियां ही बेची जाएंगी। बीएसआई अप्रैल 2000 से सोने के आभूषणों के लिए हॉलमार्किंग की योजना चला रहा है। मंत्रालय ने बताया कि 31 अक्टूबर 2019 को देशभर के 234 जिलों में 877 जांच व हॉलमार्किंग केंद्र थे जहां 26,019 आभूषण कारोबारियों ने पंजीकरण करवाया है।