जीएसटी की कमाई ने फिर दिया मोदी सरकार को झटका

|

Published: 27 Mar 2018, 05:38 PM IST

वस्तु एवं सेवा कर के तहत राजस्व संग्रह में लगातार दूसरे महीने फरवरी में गिरावट दर्ज की गई है।

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तरह राजस्व संग्रह में लगातार दूसरे महीने फरवरी में गिरावट दर्ज की गई है और यह 1,144 करोड़ रुपए घटकर 85,174 करोड़ रुपए रही है। जनवरी में भी जीएसटी संग्रह में गिरावट दर्ज की गई थी और यह 86,318 करोड़ रुपए रहा था, जबकि दिसंबर में कुल 86,703 करोड़ रुपए का जीएसटी संग्रह किया गया था। वित्त मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया कि जीएसटी के तहत प्राप्त कुल राजस्व 2018 के फरवरी (26 मार्च तक प्राप्त) में 85,174 करोड़ रुपए रहा है। बयान में कहा गया है कि फरवरी के लिए 25 मार्च तक कुल 59.51 लाख रुपए का रिटर्न दाखिल किया गया है। बयान में कहा गया है कि कुल 69 फीसदी करदाताओं को मासिक रिटर्न दाखिल करने की जरूरत होती है।

केंद्रीय जीएसटी से 14,945 करोड़ रुपए आए

वित्त मंत्रालय ने कहा है कि जीएसटी के तहत संग्रहित 85,174 करोड़ रुपए में से 14,945 करोड़ रुपए केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) के तहत, 20,456 करोड़ रुपए राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) के तहत, 42,456 करोड़ रुपए एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) के तहत तथा 7,317 करोड़ रुपए मुआवजा सेस के तहत प्राप्त हुए। बयान में कहा गया है कि 12,140 करोड़ रुपए आईजीएसटी से सीजीएसटी खाते में और 13,424 करोड़ रुपए आईजीएसटी से एसजीएसटी खाते में हस्तांतरित किए जाएंगे। मंत्रालय ने कहा कि इस प्रकार कुल 25,564 करोड़ रुपए की रकम को आईजीएसटी से सीजीएसटी और एसजीएसटी में निपटान के तरीके के तहत हस्तांतरित किया जाएगा। पिछले साल जुलाई में जीएसटी संग्रह 95,000 करोड़ रुपए से अधिक रहा था, जबकि अगस्त में यह 91,000 करोड़ रुपए से अधिक था।

ई-वे बिल व्यवस्था 1 अप्रैल से
जीएसटी के तहत ई-वे बिल व्यवस्था एक अप्रैल से लागू होने होगी। इसमें 50 हजार रुपए या इससे अधिक का साामन एक राज्य से दूसरे राज्य में लाने-ले जाने के लिए ई-वे बिल अनिवार्य होगा। इससे पहले ई- वे बिल व्यवस्था एक फरवरी से लागू की जानी थी लेकिन इसे टाल दिया गया था। यह कई राज्यों में चला भी था लेकिन इसमें सफलता नही मिल पाई। जून तक इसे पूरी तरह से लागू किया जाना है।