मैली हो रही शिवना नदी में मछलियों का घुटने लगा दम, कई मछिलयों की मौत

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Published: 29 Jun 2021, 06:37 PM IST

- प्रदूषण के कारण पानी में लगातार ऑक्सीजन हो रहा कम, नदी के किनारे पर लगा मरी हुई मछलियों के ढेर..

मंदसौर. मंदसौर शहर के मध्य से गुजरने वाली शिवना नदी में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया कि इस पानी को पीना तो दूर इसमें रहने वाली मछलियों के जीवन पर ही संकट खड़ा हो गया है। मैली होती शिवना में ऑक्सीजन की लगातार कमी होने के कारण मछलियों के जीवन पर ग्रहण लग गया और मछलियां मर रही है। शिवना नदी के पानी में करीब दो किमी के क्षेत्र में मछलियां मृत मिलने से हड़कंप मच गया है। मृत मछलियों की संख्या इतनी अधिक है कि पानी में मृत मछलियों का किनारों पर ढेर लग गया।

 

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हर साल ऐसे ही मृत मिलती हैं मछलियां
हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब शिवना नदी में प्रदूषण के कारण मछलियों की मौत हो रही है। हर साल ही प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ नदी में मछलियों के मरने का दौर शुरु हो जाता है, लेकिन सालों से शिवना के शुद्धिकरण और सौंदर्यीकरण के दावे कर रहे जवाबदार नालों का गंदा पानी जो नदी को प्रदूषित कर रहा है उसे रोक भी नहीं पाए और किसी भी स्तर पर नदी के कायाकल्प के लिए पहल तक नहीं कर पाए।

 

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शुद्धिकरण के लिए 100 करोड़ की योजना को मंजूरी का इंतजार
वैसे तो दो दशक से शिवना शुद्धिकरण के लिए अनेक बार योजनाएं बनीं। लेकिन धरातल पर योजना कोई भी नहीं उतरी। अब पर्यावरण विभाग की इप्को की टीम ने करीब 100 करोड़ रुपए की योजना फिर से बनाई है जो शासन स्तर पर लंबित है। 100 करोड़ की योजना को मंजूर होने का इंतजार है और शिवना को शुद्ध और सौंदर्यीकरण का इंतजार है। स्थानीय स्तर पर शिवना में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए हर बार शासन स्तर पर लंबित योजना की बात कही जाती है। लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई भी प्रयास अब तक नहीं किए गए है। नालों का पानी भी नहीं रुक पा रहा है और नदी में फेंकी जा रही गंदगी भी नहीं रोकी जा रही है और इसी कारण नदी का प्रदूषण बढ़ता जा रहा है।

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