एक्वापोनिक्स फॉर्मिंग में है बेहतर भविष्य, मिलेगा कम लागत में ज्यादा मुनाफा

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Published: 24 Feb 2021, 10:44 AM IST

देश में एक्वापोनिक्स फॉर्मिंग कल्चर नया है। ऐसे में एंटरप्रेन्योर जो एग्रीकल्चर से जुड़े स्टार्टअप के साथ कॅरियर की शुरुआत करना चाहते हैं उनके लिए ये अच्छा आइडिया है।

Aquaponics farming एग्रीटेक स्टार्टअप का सेक्टर स्टार्टअप वर्ल्ड में एंटरप्रेन्योर के बीच सबसे लोकप्रिय है। इंडिया में वर्तमान में एग्रीटेक स्टार्टअप की संख्या 200 से अधिक है। इसके अलावा अनऑर्गनाइज स्टार्टअप की संख्या 1000 के करीब है। अब फॉर्मिंग के सेगमेंट में एक नया ऑप्शन एंट्री ले रहा है। इसे एक्वापोनिक्स फॉर्मिंग कहते हैं।

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ऑर्गनिक फॉर्मिंग है बिजनेस का अच्छा आइडिया
इसमें मछली पालन के साथ ऑर्गनिक फॉर्मिंग की जा सकती है। देश में एक्वापोनिक्स फॉर्मिंग कल्चर नया है। ऐसे में एंटरप्रेन्योर जो एग्रीकल्चर से जुड़े स्टार्टअप के साथ कॅरियर की शुरुआत करना चाहते हैं उनके लिए ये अच्छा आइडिया है।

जानें क्या है एक्वापोनिक्स फॉर्मिंग
इस सेक्टर में मछलियों के साथ पौधे उगाए जाते हैं। यह हाइड्रोपोनिक्स फॉर्मिंग का ही एक वर्जन है। इसमें भी मिट्टी का उपयोग नहीं किया जाता है। इसमें फिश टैंक का उपयोग किया जाता है व मछलियों के साथ पौधे उगाए जाते हैं। इसमें परंपरागत खेती की तुलना में केवल 10 प्रतिशत पानी का ही उपयोग किया जाता है, जबकि पौधों के बढऩे की रफ्तार दोगुनी होती है। इसका चलन सबसे अधिक इजरायल में है। यूरोप व अमरीका में भी यह फॉर्मिंग तेजी से जगह बना रही है।

अच्छे हैं परिणाम
इस सेक्टर में एंट्री से पूर्व ऐसे स्टार्टअप पर रिसर्च कर सकते हैं जो सक्सेसफुली हैं। उत्तराखंड के नैनीताल का यह स्टार्टअप एक्वापोनिक्स फॉर्मिंग के साथ फ्रैश फूड की होम डिलीवरी भी कर रहा है। इसकी सक्सेस का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यह अगले दो वर्ष में 25 एक्वापोनिक्स फॉर्म लगाने की योजना पर कार्य कर रहा है।