Uttar Pradesh Assembly election 2022: अगले साल इन महीनों में हो सकते हैं यूपी विधानसभा चुनाव 2022, चुनाव आयोग से आई बड़ी खबर

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Published: 02 Aug 2021, 12:03 PM IST

UP Assembly Election 2022 Updates: यूपी विधानसभा चुनाव 2022 की प्रक्रिया फरवरी से शुरू होकर अप्रैल तक छह चरणों में निपटाई जा सकती है।

लखनऊ. Uttar Pradesh election 2022: साल 2022 की शुरुआती महीनों में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके लिए तैयारियां अब तैयारियां भी जोरों से होने लगी हैं। इसे लेकर ही बीते दिनों उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की केन्द्रीय चुनाव आयोग के साथ समीक्षा बैठक भी हुई। जिसमें दिए गए निर्देशों के बाद अब यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय शुक्ला एक-दो दिनों के अंदरचुनाव की तैयारियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे।

मार्च में हो सकते हैं यूपी विधानसभा चुनाव 2022

दरअसल उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 14 मई, 2022 को पूरा होने जा रहा है। हालांकि चूंकि यूपी छोड़कर बाकी चारों राज्यों में सरकार का कार्यकाल मार्च में ही खत्म हो रहा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव बाकी चार राज्यों के साथ ही मार्च में ही करवाए जाने की पूरी संभावना है। आपको बता दें कि बाकी राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश का चुनाव कराना ज्यादा मुश्किल है। ऐसे में यहां फरवरी से शुरू होकर अप्रैल तक छह चरणों में चुनाव प्रक्रिया निपटाई जा सकती है। जबकि बाकी चार राज्यों में चुनाव एक ही चरण में पूरे हो सकते हैं। चुनाव तैयारियों के क्रम में निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में मतदान केन्द्रों और पोलिंग बूथों के चिन्हांकन और उसके बाद मतदाता सूची के पुनरीक्षण के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है।

वोटर लिस्ट का होगा पुनरीक्षण

अगस्त और सितम्बर महीने में चलाए जाने वाले अभियान में पोलिंग बूथ और मतदान केन्द्र में बदलाव के दौरान बुजुर्गों, दिव्यांगों की सुविधा आदि के बारे में देखा जाएगा। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों से भी सुझाव और आपत्तियां ली जाएंगी और उनका निराकरण किया जाएगा। इसके बाद अक्टूबर से दिसंबर के बीच वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण का काम चलेगा। इस बार वोटर लिस्ट में महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगों को शामिल करने पर खास जोर रहेगा। इसके साथ ही 1 जनवरी 2022 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले नए मतदाताओं का नाम भी शामिल होगा। जनवरी के पहले हफ्ते में वोटर लिस्ट का फाइनल ड्राफ्ट प्रकाशित कर दिया जाएगा।

सुझाव और आपत्तियां भी ली जाएंगी

यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला के मुताबिक वह सभी जिलाधिकारियों के साथ बातचीत करने के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करेंगे और उनसे पोलिंग बूथों और मतदान केन्द्रों के बदलाव के बारे में सुझाव और आपत्तियां भी लेंगे। केंद्रीय चुनाव आयोग से आदेश मिलने पर वोटर लिस्ट का विशेष पुनरीक्षण अभियान शुरू कराया जाएगा, हमारी कोशिश रहेगी कि किसी भी वोटर का नाम लिस्ट से न छूटे। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाए जा सकें।

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