डीजल-पेट्रोल की कीमतों ने बढ़ाई महंगाई, विपक्ष ने घेरा, सरकार ने कहा- नहीं बढ़ी महंगाई दर

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Updated: 23 Feb 2021, 07:53 PM IST

पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते दामों और महंगाई के मुद्दे पर विपक्षी दल सड़क से लेकर संसद तक सरकार को घेर रहे हैं

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस की बेतहाशा बढ़ती कीमतें जेब में आग लगा रही हैं। पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़े दामों की वजह से मंहगाई कुलांचे मारती भागती जा रही है। डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों ने बाजार में आग सी लगा दी है। आम आदमी खासकर मिडिल क्लास महंगाई की मार से जूझ रहा है। देश के कई हिस्सों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपए प्रति लीटर पार कर गई हैं वहीं, लखनऊ में पेट्रोल की कीमत 90 रुपए प्रति लीटर के करीब पहुंच चुकी है। जानकारों का कहना है कि अगर सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम नहीं की और क्रूड ऑयल के दाम में यूं ही इजाफा होता रहा तो जुलाई के महीने में देश में पेट्रोल के दाम 120 रुपए से लेकर 125 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकते हैं। आपको बता दें कि एक लीटर तेल की कीमत का करीब 60 फीसदी हिस्सा टैक्स का होता है।

महंगाई के मुद्दे पर विपक्षी दल सड़क से लेकर संसद तक सरकार को घेर रहे हैं। पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतें और चढ़ती महंगाई को बसपा प्रमुख मायावती ने अनुचित करार देते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतों में अनावश्यक ही अनवरत वृद्धि करके कोरोना प्रकोप, बेरोजगारी व महंगाई आदि से त्रस्त जनता को सताना सर्वथा गलत व अनुचित है। इस जानलेवा कर वृद्धि के माध्यम से जनकल्याण के लिए धन जुटाए जाने का सरकार का तर्क कतई उचित नहीं है। वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा सरकार को सप्ताह के उस दिन का नाम 'अच्छा दिन' कर देना चाहिए जिस दिन डीजल-पेट्रोल के दामों में बढ़ोत्तरी न हो, क्योंकि महंगाई की मार के चलते बाकी दिन तो आमजनों के लिए 'महंगे दिन' हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्विटर पर एक कार्टून शेयर करते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने जो कार्टून शेयर किया, उसमें एक स्कूटर दिख रहा है जिस पर विकास लिखा है। इसी ट्वीट में यादव ने लिखा, 'आमदनी घट रही है, तनख्वाह कट रही है। खाएं क्या, बचाएं क्या?'

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सड़क से सदन तक प्रदर्शन
महंगाई के मुद्दे पर विपक्षी दल सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं वहीं, सदन में भी सत्ता पक्ष से सवाल-जवाब कर रहे हैं। विपक्ष घेर रहा है तो सत्ता पक्ष महंगाई है, यह मानने को तैयार नहीं है। विधानपरिषद में कांग्रेस सदस्य दीपक सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले महंगाई डायन होती थी, पर शायद अब नहीं रही। वहीं, सपा सदस्य आनंद भदौरिया ने कहा कि महंगाई पर मन की बात क्यों नहीं होती? पहले भाजपाई गाते थे महंगाई डायन खाये जात है और अब गाते हैं महंगाई सखी मन भाय जात है। वहीं, विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार की तुलना में महंगाई दर काफी कम हुई है।

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