यूपी में कांग्रेसियों ने जमकर मनाया जश्न, सपा-बसपा में भी जगी उम्मीदें

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Published: 11 Dec 2018, 07:38 PM IST

चुनाव परिणाम का असर...यूपी में कांग्रेसियों ने जमकर मनाया जश्न, सपा-बसपा में भी जगी उम्मीदें

 

लखनऊ. पांच राज्यों के चुनाव परिणाम ने यूपी में विपक्षी दलों को उम्मीद दे दी है। खासतौर से कांग्रेस नेताओं को चेहरे खिल गए हैं। मंगलवार को कांग्रेस कार्यालय में जमकर जश्न मनाया गया ह। कार्यकर्ताओं ने कहा कि ये चुनाव परिणाम दर्शाता है कि जनता को कांग्रेस की नीतियों पर भरोसा है। उन्होंने 2019 के चुनाव में महागठबंधन की संभावना पर कहा कि कांग्रेस को यूपी में किसी से गठबंधन नहीं करना चाहिए, अकेले चुनाव लड़ना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ता हर चुनौती के लिए तैयार हैं।


कांग्रेस विधायक अराधना मिश्रा 'मोना' ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि बीजेपी का झूठ जनता के सामने आ चुका है। बीजेपी जनता की उम्मदों पर खरी नहीं उतरी है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने अपनी मेहनत से कांग्रेस की वापसी करवा दी है। इन नतीजों का असर 2019 के चुनाव पर भी पड़ेगा। वहीं कांग्रसे प्रवक्ता बृजेंद्र सिंह ने कहा कि आम जनता ने बीजेपी को जवाब दे दिया। पीएम मोदी ने युवाओं के साथ विश्वासघात किया। किसानों पर गोली चलाई गई। किसान, मजदूर सभी परेशान थे। राहुल गांधी के नेतृत्व में ये सफलता कांग्रेस को मिली है, यूपी में भी इसका असर दिखेगा। आम चुनाव में कांग्रेस यूपी में बेहतर परफॉर्म करेगी।

अखिलेश ने किया ट्वीट

विधानसभा चुनाव के बाद पांच राज्यों से आ रही शुरुआती रुझानों के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार सुबह ट्वीट किया, जब एक और एक मिलकर बनते हैं ग्यारह, तब बड़े-बड़ों की सत्ता हो जाती है नौ दो ग्यारह। जाहिर है उनका इशारा गठबंधन को लेकर था। बता दें कि समाजवादी पार्टी ने मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अपने कुछ प्रत्याशी उतारे थे और इसके लिए उन्होंने ज़बर्दस्त चुनाव प्रचार भी किया था। सपा कार्यालय में इस मध्य प्रदेश में अगर किसी पार्टी को बहुमत न मिला तो सपा और बसपा किंग मेकर की भूमिका निभा सकते हैं।

पूरे यूपी में करूंगा मोदी जी के खिलाफ प्रचार

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में विधानसभा चुनाव के नतीजों का जश्न पीएम मोदी के हमशक्ल अभिनंदन पाठक भी पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ मिठाई बांटी बल्कि डांस भी किया। इस दौरान पत्रिका से बातचीत में उन्होंने बताया कि वह छत्तीसगढ़ चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी के खिलाफ प्रचार करने गए थे। उनकी मुलाकात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से भी हुई। वह 2019 चुनाव में कांग्रेस के लिए ही प्रचार करेंगे।