यूपी सरकार ने बनायी त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति, उद्योग लगाने की मुश्किलें हुईं आसान

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Updated: 24 Nov 2020, 10:05 AM IST

लखनऊ की इन्वेस्टर समिट के सहारे यूपी में निवेश की संभावनाओं का बढ़ाने में लगी योगी सरकार की कोशिशों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है।

लखनऊ. लखनऊ की इन्वेस्टर समिट के सहारे यूपी में निवेश की संभावनाओं का बढ़ाने में लगी योगी सरकार की कोशिशों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। बड़े बिजनेसमैनों को यूपी का माहौल भाने लगा है। अब यूपी में निवेश के जरिए तमाम औद्योगिक ईकाइयों की स्थापना शुरू हो गई है।

यूपी का माहौल हुआ प्रभावी

निवेश का माहौल यूपी में कितना प्रभावी हुआ है, इसे सिर्फ इस बात से समझा जा सकता है कि बरसों से निवेशक और उद्यमियों का उद्योग लगाने का सबसे पसंदीदा स्थान पश्चिमी यूपी खासतौर पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा बना हुआ था, लेकिन अब आईटी कंपनियों को छोड़कर कई दूसरे सेक्टर के उद्यमी यहां से आगे मध्य यूपी, बुंदेलखंड और पूर्वाचल की ओर भी बढ़ रहे हैं। चित्रकूट, ललितपुर, बांदा, मिर्जापुर, बस्ती, वाराणसी में भी कई उद्योग लगने जा रहे हैं।

बनाई गई निवेश प्रोत्साहन नीति

दरअसल यूपी सरकार ने राज्य के गैर पश्चिमी जिलों के लिए त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति भी बनाई है। इन क्षेत्र वाले जिलों में निवेशकों को पश्चिमी यूपी के मुकाबले ज्यादा रियायतें दी जा रही हैं। माना जा रहा है कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बन जाने के बाद औद्योगिक गतिविधियां काफी बढ़ जाएंगी। हालांकि कई कंपनियां सस्ती जमीन की उपलब्धता और कनेक्टिविटी के कारण अब नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद के अलावा दूसरे निवेश के स्थल तलाश रही हैं। चित्रकूट के बगल में एबी मौरी कंपनी 750 करोड़ का खमीर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा रही है।

यहां भी बढ़ रहा निवेश

वहीं मिर्जापुर में रिन्यूएबल एनर्जी के लिए एमप्लस एनर्जी साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 250 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट लगाया है। इसका शिलान्यास पिछले साल ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में किया गया था बांदा में बाइक 100 करोड़ों रुपए से इनरिच एनर्जी की ओर से संयत्र लगाया गया है। देवरिया में इसी कंपनी ने दो हजार करोड़ का प्रोजेक्ट लगाया है। वाराणसी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेक्टर में एक हजार पचास करोड़ का निवेश किया गया है। बलरामपुर में टेक्सटाइल क्षेत्र में शैलेश 93970 करोड़ों का निवेश किया है। प्रयागराज में अल्ट्राटेक सीमेंट की ओर से 600 करोड़ रुपए से निवेश किया गया है। 300 करोड़ से नीचे की कई कंपनियां भी आगे आ रही हैं।

बाराबंकी में एमएम फ्रोजिंग कंपनी निवेश कर रही है। हरदोई में 325 करोड रुपए से डीसीएम डिस्टलरी लगाई जा गई है। लखीमपुर खीरी में बलरामपुर चीनी मिल्स ने 200 करोड़ से डिस्टलरी लगाई है। सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी में एमएम फोर्जिंग की ओर से निर्माण क्षेत्र में डेढ़ सौ करोड़ का निवेश किया गया है। हरदोई में आईटीसी कंपनी भी 760 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। कानपुर में आरपी प्लाय पैक्स डेढ़ सौ करोड़ से टेक्सटाइल सेक्टर में परियोजना लगा रही है।