चेहरे से भी होगा आधार सत्यापन, करोड़ों लोगों को होगा फायदा

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Updated: 26 Mar 2018, 01:14 PM IST

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण 1 जुलाई से आधार का सत्यापन चेहरे से करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

नई दिल्ली। यदि आधार कार्ड बनवाते समय बायोमेट्रिक सिस्टम में आपकी अंगुलियों के निशान नहीं आ पा रहे हैं तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार का सत्यापन चेहरे से करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इस प्रक्रिया को 1 जुलाई से पूरी तरह से लागू हो जाएगा। इसके अलावा लोगों के पास आंखों की पुतलियों और अंगुलियों के निशान से सत्यापन कराने का भी विकल्प रहेगा। चेहरे से सत्यापन की सुविधा उन लोगों को दी जाएगी जिनकी अंगुलियों के निशान लेने में परेशानी आती है। यूआईडीएआई ने इस साल की शुरुआत में इस फीचर को जोड़ने की बात कही थी। अभी तक अंगुलियों के निशान और आंखों की पुतलियों से आधार का सत्यापन होता है।

इन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
यूआईडीएआई की ओर से लागू किए जा रहे चेहरे से सत्यापन के फीचर का सबसे ज्यादा फायदा बुजुर्गों को मिलेगा। दरअसल कई बार ज्यादा उम्र और मेहनतकश लोगों के फिंगर प्रिंट लेने में परेशानी आती है। कई बार प्रयासों के बाद भी ऐसे लोगों के फिंगर प्रिंट नहीं आ पाते हैं। इस कारण इन लोगों को आधार बनवाने में समस्या होती है। लेकिन चेहरे से सत्यापन का फीचर शुरू होने के बाद इन लोगों की समस्या खत्म हो जाएगी। इसके अलावा जो लोग जन्मजात या किसी हादसे में हाथ गवां देते हैं उनकी समस्या भी इस फीचर के शुरू होने के बाद दूर हो जाएगी। आपको बता दें कि फिंगर प्रिंट नहीं आने के कारण अभी बड़ी संख्या में लोग आधार से वंचित हैं।

यहां काम आता है आधार
केंद्र की मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए सभी सरकारी योजनाओं को आधार से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। इसका मुख्य मकसद गरीबों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है। इनमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली, विभिन्न प्रकार की पेंशन स्कीम, गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए छात्रवृत्ति समेत कई योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा बैंकिंग कार्य, टेलीकॉम कंपनियां, इनकम टैक्स, नौकरी आदि कई कार्यों के लिए आधार की आवश्यकता पड़ती है। यूआईडीएआई के अनुसार इस समय रोजाना करीब 4 करोड़ आधार ऑथेंटिकेशन किए जा रहे हैं।

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