पाकिस्तान के सबसे महंगे चुनाव का कर्नाटक जैसा ना हो जाए हाल, ये है कारण

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Updated: 30 Jul 2018, 02:01 PM IST

पाकिस्तान में हुआ चुनाव उस देश का सबसे महंगा चुनाव था, इलेक्शन कमीशन आॅफ पाकिस्तान के आंकड़ों के अनुसार इस बार देश में चुनावों में 2100 करोड़ रुपए खर्च हुए थे।

नर्इ दिल्ली। हाल ही में सम्पन्न हुआ पाकिस्तान का आम चुनाव देश का सबसे महंगा चुनाव था। इलेक्शन कमीशन आॅफ पाकिस्तान के अनुसार इस चुनाव में पाकिस्तान रुपए के हिसाब से 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हुए थे। उसके बाद भी पाकिस्तान में किसी को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हुआ? वैसे यह बात पक्की हो गर्इ है कि पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार बनेगी। फिर सवाल अभी भी बाकी हैं। सरकार बनाने के लिए बहुमत कैसे हासिल करेंगे? डर इस बात का भी सता रहा है कि कहीं पाकिस्तान का चुनाव का हाल भी कहीं भारत के कर्नाटक चुनाव जैसा ना हो जाए? आइए आपको भी बताते हैं कैसे?

पाक का सबसे महंगा चुनाव
पाकिस्तान में हुआ चुनाव उस देश का सबसे महंगा चुनाव था। इलेक्शन कमीशन आॅफ पाकिस्तान के आंकड़ों के अनुसार इस बार देश में चुनावों में 2100 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। आज तक इतना रुपया पाकिस्तान के चुनावों में कभी खर्च नहीं हुए थे। बावजूद इसके पाकिस्तान में किसी को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हुआ है। ताज्जुब की बात तो ये है कि सबसे बड़ी पार्टी को बहुमत में आने के लिए 21 सीटों की जरुरत है। आपको ता दें कि इमरान खान की पार्टी पीटीआर्इ को 116 सीटें मिली हैं। जबकि सरकार बनाने के लिए 21 सीटों की जरुरत है।

छोड़नी पड़ेगी 4 सीटें
पार्टी के हिसाब से देखें पीटीआर्इ को 116 सीटें मिली हैं। जिनमें से 5 पर इमरान खान जीतें हैं। यानि एक सीट को लेकर इमरान को चार सीटें छोड़नी पड़ेंगी। यानि चार सीटों पर दोबारा चुनाव होंगे। इसका मतलब ये हुआ कि अब सरकार को बनाने के लिए इमरान को कुल 25 सीटों की जरुरत होगी। अब 25 के लिए इमरान कितने रुपए खर्च करेंगे इसका अभी अंदाजा लगाना मुश्किल है। लेकिन पाकिस्तान हाल भारत के कर्नाटक राज्य जैसा जरूर हो गया है।

कहीं कर्नाटक जैसा ना हो जाए हाल
कुछ महीनों पहले दक्षिण भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक कर्नाटक में चुनाव हुए थे। सेंटर फाॅर मीडिया स्टडीज के अनुसार कर्नाटक में 10,500 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। भारत के किसी राज्य हुआ में हुअा यह सबसे महंगा चुनाव था। उससे पहले 2017 में हुए यूपी चुनाव में 5500 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। लेकिन कर्नाटक में हुए सबसे महंगे चुनाव के साथ कोर्इ भी पार्टी पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सकी थी। सबसे खास बात यह थी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी सरकार तक नहीं बना सकी। जबकि कम सीटें जीतनी वाली पार्टियों से गठबंधन कर सरकारद बनाने का फैसला किया। वो ही हाल कुछ पाकिस्तान में भी बन रहे हैं। लेकिन पाकिस्तान में कम सीटें जीतने वाली पार्टियों के बीच गठबंधन की कोर्इ बात सामने नहीं आर्इ है। लेकिन पाकिस्तान के मौजूदा हालात कर्नाटक जैसे ही देखे जा रहे हैं।

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