एसबीआई ने दिया अपने कर्मचारियों को झटका, वापस मांगा नोटबंदी के दौरान काम करने का ओवरटाइम

|

Updated: 18 Jul 2018, 09:33 AM IST

बैंक के इस कदम से इन कर्मचारियों में गुस्सा है।

एसबीआई ने दिया अपने कर्मचारियों को झटका, वापस मांगा नोटबंदी के दौरान काम करने का ओवरटाइम

नई दिल्ली। नोटबंदी में दिन-रात जुटकर काम करने वाले बैंककर्मियों को देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने झटका दिया है। बैंक के इस कदम से इन कर्मचारियों में गुस्सा है। दरअसल, एसबीआई ने नोटबंदी के दौरान ओवरटाइम करने के बदले बैंक कर्मचारियों को किए गए भुगतान को वापस करने को कहा है। यह उन बैंकों के कर्मचारी हैं जिनका एसबीआई में विलय हो चुका है। इन बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ ट्रावणकोर और स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर और जयपुर शामिल हैं।

ये है मामला

नोटबंदी के दौरान इन बैंक कर्मचारियों से दिन-रात काम कराया गया था। इस काम के बदले कर्मचारियों को ओवरटाइम देने की बात कही गई थी। वादे के अनुसार इन कर्मचारियों को ओवरटाइम काम करने का भुगतान भी कर दिया गया था। 1 अप्रैल 2017 को इन बैंकों का एसबीआई में विलय हो गया था। इसके बाद यह कर्मचारी एसबीआई के कर्मचारी हो गए थे। अब इन कर्मचारियों पर एसबीआई ने निगाह टेढ़ी कर ली है। बैंक ने नोटबंदी के दौरान ओवरटाइम का पैसा पाने वाले सभी कर्मचारियों को इसे लौटाने के लिए कहा गया है।

किसको कितना पैसा मिला

नोटबंदी के दौरान देश में मची अफरातफरी के बीच बैंकों पर काम का बोझ बढ़ गया था। इस दौरान लोगों को राहत देने के लिए बैंककर्मियों ने 3 से 8 घंटे तक अतिरिक्त काम किया था। इस अतिरिक्त काम के बदले बैंकों ने अपने कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान किया था। बैंकों ने इस ओवरटाइम के बदले अधिकारियों को 30 हजार और अन्य कर्मचारियों को 17 हजार रुपए का भुगतान किया था। इंडिया टुडे-आजतक के अनुसार, एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यह भुगतान गलती से किया गया है। अधिकारी के अनुसार, 2017 में विलय के बाद एसोसिएट बैंकों के पहले के वेतन या बकाए के लिए एसबीआई जिम्मेदार नहीं है। एेसे में इसकी जांच की गई है।

ये है एसबीआई का तर्क

खबरों के अनुसार एसबीआई ने अपने सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों को पत्र भेजकर कहा है कि केवल अपने कर्मचारियों को ही ओवरटाइम के भुगतान किया जाए। इस पत्र में कहा गया है कि 2016 में नोटबंदी के दौरान एसोसिएट बैंकों के कर्मचारी एसबीआई के कर्मचारी नहीं थे। एेसे में उनको एसबीआई ओवरटाइम का भुगतान एसबीआई की ओर से नहीं किया जा सकता है। इसलिए जिन कर्मचारियों को ओवरटाइम का भुगतान किया जा चुका है, उनसे यह पैसा वापस ले लिया जाए। पत्र में कहा गया है कि ओवरटाइम का भुगतान केवल एसबीआई की शाखाओं में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए था।

Related Stories