प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती का दौर, इन कारणों से 2017 में नही बिक पाए 4.4 लाख फ्लैट्स

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Published: 04 Mar 2018, 05:58 PM IST

देश के 7 बड़े शहरों में करीब 4.4 लाख हाउसिंग यूनिट्स की बिक्री नहीं हो पाई, न बिकने वाले फ्लैट में सबसे अधिक संख्या दिल्ली एनसीआर के फ्लैट के हैं।

प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती का दौर, इन कारणों से 2017 में नही बिक पाए 4.4 लाख फ्लैट्स

नई दिल्ली। नोटबंदी, जीएसटी और रेरा लागू होने के बाद साल 2017 देश के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कुछ खास नहीं रहा। रियल एस्टेट सेक्टर में सुस्ती इतनी थी कि देश के 7 बड़े शहरों में करीब 4.4 लाख हाउसिंग यूनिट्स की बिक्री नहीं हो पाई। एक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट के अुसार, न बिकने वाले फ्लैट में सबसे अधिक संख्या दिल्ली एनसीआर के फ्लैट के हैं। दिल्ली एनसीआर में करीब 1.5 लाख फ्लैट नहीं बिक पाए। प्रॉपर्टी कंस्लटेंट का मानना है कि, प्रापर्टी की कम बिक्री की वजह से इनके कीमतों में भी खासा गिरावट आया है। कंस्लटेंट ने अपने सर्वे में कहा है, देश के बड़े शहरों में साल 2017 मेें के अंत तक 4.40 लाख आवासीय इंकाइयां नहीं बिक पाई है। जबकि प्रॉपर्टी न बिकने वाले दूसरे शहरों में चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, बेंगलुरु और कोलकाता शामिल है।


इन प्रमुख शहरों में नहीं बिके इतने फ्लैट्स

कोलकाता में करीब 26 हजार फ्लैट नहीं बिक पाए। वहीं चेन्नई में 20 फीसदी रेडी-टू-मूव प्रॉपर्टी नहीं बिक पाए। जबकि मुंबई की बात करें तो यहां पर 86,000 यूनिट्स नहीं बिक पाए। इसके अलावा पुणे में 70 हजार फ्लैट्स और हैदराबाद में करीब 28 हजार फ्लैट्स को कोई खरीदार नहीं मिल पाया। न बिक पाने वाले इन प्रॉपर्टी में लगभग 34,700 फ्लैट्स रेडी-टू-मूव इन फ्लैट्स थे। अंडरकंस्ट्रक्शन फ्लैट्स के खरीदारों की संख्या में सबसे अधिक कमी आई है।


इन कारणों से नहीं बिके अधिकतर फ्लैट्स

कंसल्टेंट के एक मुख्य अधिकारी ने कहा कि, रेजिडेंशियल मार्केट में पिछले कुछ दिनों में आधारभूत बदलावों के कारण वेट ऐंड वॉच वाले मोड में है। इसके लिए 2016 कें अंत में हुए नोटबंदी और फिर 2017 मेंं जीएसटी और रेरा कानून लागू होने के वजह से इस सेक्टर में स्लोडाउन का दौर चल रहा है। हाालांकि इस बात की उम्मीद किया जा सकता है कि आने वाले 6 से 7 महीनों में मार्केट में प्रॉपर्टी डिमांड बढ़ सकती हैै। इसका एक प्रमुख कारण ये हो सकता है कि मौजूदा दौर में प्रॉपर्टी की कीमतों में कमी आई है जिसके वजह से अधिक समय से इंतजार कर रहे खरीदार अब इंवेस्ट करने में रुचि ले सकते हैं।