मुकेश अंबानी के इस फैसले ने बचाए हजारों करोड़ रुपए

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Published: 28 Apr 2018, 04:32 PM IST

जियो की लॉन्चिंग की घोषणा के साथ ही दूसरी टेलीकॉम कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त गिरावट हुई थी। इन टेलीकॉम कंपनियों हजारों करोड़ का नुकसान हुआ था।

नई दिल्ली। अपने फैसलों से रिलायंस इंडस्ट्रीज को बुलंदियों तक पहुंचाने वाले मुकेश अंबानी रोजाना सफलता के नए आयाम लिख रहे हैं। वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही के नतीजों में एक बार फिर रिलांयस इंडस्ट्रीज ने सफलता की नई कहानी लिखी है। चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज को 9435 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। यही नहीं 2016 में शुरु हुई रिलायंस जियो ने भी अपने पहले वित्त वर्ष में करीब 510 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है। लेकिन इन नतीजों को पेश करने में भी रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी ने एक एेसा फैसला लिया जिससे दूसरी टेलीकॉम कंपनियों वोडाफोन, एयरटेल, आइडिया आदि को हजारों करोड़ रुपए का फायदा हुआ है।

टेलीकॉम कंपनियों को एेसे हुआ फायदा

दरअसल रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से तिमाही नतीजे शुक्रवार को पेश किए गए। इन नतीजों में रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस जियो को जबरदस्त मुनाफे की घोषणा की गई है। शेयर बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रिलायंस की ओर से ये तिमाही नतीजे शेयर बाजार के बंद होने से पहले घोषित किए जाते तो दूसरी कंपनियों के शेयर में गिरावट आ सकती थी। इस गिरावट का असर सबसे ज्यादा असर टेलीकॉम कंपनियों पर पड़ता क्योंकि रिलायंस जियो ने व्यावसायिक होने के बाद पहले ही वित्त वर्ष में 510 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है। विशेषज्ञों के अनुसार रिलायंस जियो के मुनाफे को देखते हुए टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करने वाले जियो में निवेश के लिए रूचि दिखाते। एेसे में अन्य टेलीकॉम कंपनियों के शेयरों में गिरावट हो सकती थी।

जियो की लॉन्चिंग पर भी हुआ था टेलीकॉम कंपनियों को नुकसान

रिलायंस जियो ने 2016 में टेलीकॉम बाजार में प्रवेश किया था। खुद रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो की लॉन्चिंग की घोषणा की थी। जियो की लॉन्चिंग की घोषणा के साथ ही दूसरी टेलीकॉम कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त गिरावट हुई थी। इससे इन टेलीकॉम कंपनियों हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। एेसे में बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि रिलायंस के चौथी तिमाही शेयर कारोबार के दौरान आते तो दूसरी टेलीकॉम कंपनियों के शेयर में गिरावट से उन्हें हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता था। विशेषज्ञों का कहना है कि जियो के तिमाही नतीजों से यदि दूसरी टेलीकॉम कंपनियों के मार्केट कैप में 1 फीसदी की भी गिरावट होती तो इन कंपनियों को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो जाता। आपको बता दें कि शेयर बाजार में 3.30 बजे तक कारोबार होता है।

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