विजय माल्या मामला: कर्नाटक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिका है लंदन कोर्ट का निर्णय

|

Updated: 11 Apr 2020, 07:06 AM IST

  • एसबीआई कंसोर्टियम की याचिका को लंदन कोर्ट ने किया स्थगित
  • याचिका में विजय माल्या को बैंक्रप्ट घोषित करने की थी मांग
  • लंदन कोर्ट ने कहा, कर्नाटक कोर्ट और एससी के फैसले के बाद लेंगे निर्णय

नई दिल्ली। भारत से भगौड़े कारोबारी विजय माल्या को अर्से बाद कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। वास्तव में मामला लंदन की कोर्ट से है। जिन्होंने एसबीआई के कंसोर्टियम से कहा कि कर्नाटक हाईकोर्ट और भारत के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के उनकी याचिका पर कोई फैसला लेंगे। कंसोर्टियम की ओर से लंदन की कोर्ट में विजय माल्या को बैंक्रप्ट घोषित करने की मांग की थी, ताकि वो कंसोर्टियम 1.15 अरब पाउंड के लोन की रिकवरी कर सके।

यह भी पढ़ेंः- Coronavirus की वजह से डोनाल्ड की संपत्ति में 7671 करोड़ रुपए की कटौती

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार
लंदन कोर्ट के दिवालिया डिवीजन के जज माइकल ब्रिग के अनुसार माल्या का लोन सेटलमेंट प्रस्ताव फिलहाल कर्नाटक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। जब तक इन दोनों कोर्ट से कोई फैसला नहीं आ जाता तब तक माल्या को समय दिया जाना चाहिए। जज माइकल ब्रिग ने यह भी कहा कि अगर माल्या को बैंक्रप्ट घोषित भी कर दिया जाता है तो बैंकों को इसका फायदा त्वरित नहीं मिलता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है।

यह भी पढ़ेंः- Crude Oil Production में ऐतिहासिक कटौती पर Opec++ की सहमति, फिर भी कीमतों में गिरावट

जल्द ही सुप्रीम कोर्ट का आ सकता है फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2019 में दोनों पक्षों के दलील सुनने के बाद अपना फैसला रख लिया था। लंदन की कोर्ट के अनुसार जिस तरह से भारत में माल्या संबंधित केस लड़ा जा रहा है, उसमें जल्द ही फैसला आने की संभावना दिख रही है। वहीं दूसरी ओर माल्या के वकीलों द्वारा यह दलील दी जा रही है कि उनके क्लाइंट को भारतीय बैंक बेवजह भारत और यूके में कानूनी मामले में उलझा रहे हैं।