रेड काॅर्नर नोटिस जारी होते ही 192 देशों का आरोपी बन गया नीरव मोदी

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Published: 02 Jul 2018, 01:44 PM IST

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अनुरोध पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ 13,500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने वाले भगोड़े आरोपी नीरव मोदी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी किया है।

रेड काॅर्नर नोटिस जारी होते ही 192 देशों का आरोपी बन गया नीरव मोदी

नई दिल्ली। 70 आैर 80 के दशक के बरच में अमिताभ बच्चन की एक फिल्म आर्इ थी। जिसका नाम था डाॅन। इस फिल्म में एक डायलाॅग था जो दुनियाभर में मशहूर हो गया था। वो था कि ‘डाॅन की तलाश 11 मुल्कों की पुलिस कर रही है’। लेकिन फिल्मी दुनिया से इतर देश का एेसा शख्स जिसे सिर्फ 11 मुल्कों की नहीं बल्कि 192 देशों की पुलिस तलाश कर रही है। इस शख्स का नाम है नीरव मोदी। जिसके खिलाफ इंटरपोल तक ने रेड काॅर्नर नोटिस जारी कर दिया है।

इंटरपोल जारी किया RCN
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अनुरोध पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ 13,500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने वाले भगोड़े आरोपी नीरव मोदी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी किया है। एक सीबीआई अधिकारी के अनुसार इंटरपोल ने नीरव मोदी, उनके भाई निशाल मोदी और उनकी कंपनी के एक कार्यकारी सुभाष परब के खिलाफ आरसीएन जारी करने के हमारे अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।

192 देशों की पुलिस को तलाश
अधिकारी ने यह भी कहा कि इंटरपोल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के स्तर पर भगोड़े हीरा व्यापारी को धनशोधन के मामले में आरोपी बनाया है। एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, तीनों के खिलाफ आरसीएन जारी किए जाने के साथ अब उन्हें इंटरपोल के 192 सदस्य देशों में से किसी के द्वारा भी गिरफ्तार किया जा सकता है, जिसके बाद प्रत्यर्पण या निर्वासन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

इंटरपोल से किया था अनुरोध
वित्तीय जांच एजेंसी और सीबीआई ने जून में हीरा व्यापारी के खिलाफ आरसीएन जारी करने के लिए इंटरपोल से अनुरोध किया था। सीबीआई ने 11 जून को पहली बार आरसीएन जारी करने के लिए इंटरपोल से संपर्क किया। इसने फिर 13 जून को बेल्जियम के नागरिक निशाल मोदी और परब के खिलाफ आरसीएन जारी करने के लिए इंटरपोल से संपर्क किया। सीबीआई ने 14 मई को मुंबई की एक विशेष अदालत में 18 अन्य लोगों के अलावा नीरव मोदी, निशाल और पराब को खिलाफ पहला आरोपपत्र दायर करने के बाद इंटरपोल को अनुरोध भेजा था।

नोटिस में तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश
भगोड़े नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस में इंटरपोल ने अपने सहयोगी 192 देशों से उसे गिरफ्तार करने को कहा है। इंटरपोल ने कहा है कि नीरव मोदी को देखते ही गिरफ्तार कर लिया जाए। विदेश में नीरव मोदी की गिरफ्तारी के बाद उसके एक्स्ट्राडिशन यानी भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने का उद्देश्य अन्य देशों को आरोपी के बारे में सतर्क करना है। इससे आरोपी की यात्रा पर रोक लगेगी और उसे संबंधित देश में औपचारिक तौर पर गिरफ्तार किया जाएगा।

आखिर क्या है रेड काॅर्नर नोटिस?
इंटरपोल कुल मिलाकर 7 तरह के नोटिस जारी करता है। इनमें से छह नोटिस के नाम कलर के नाम पर रखे गए हैं। रेड कॉर्नर नोटिस भी इन्हीं में से एक होता है। इसके अलावा, ब्लू, ग्रीन, येलो, ब्लैक, ऑरेंज और इंटरपोल यूएन नाम से नोटिस जारी किए जाते हैं। रेड कॉर्नर नोटिस को किसी सदस्य देश के कहने पर जारी किया जाता है। इसका मकसद सभी सदस्य देशों को यह सूचना देना होता है कि आरोपी शख्स के खिलाफ उसके देश में अरेस्ट वॉरंट जारी हो चुका है। रेड कॉर्नर नोटिस इंटरनेशनल अरेस्ट वॉरंट नहीं होता क्योंकि अरेस्ट वॉरंट जारी करने का हक संबंधित देश को ही है। लेकिन मोटे तौर पर इसे इंटरनेशनल अरेस्ट वॉरंट की तरह ही लिया जाता है। इंटरपोल ऐसे लोगों को गिरफ्तार करने के लिए न तो अपने अधिकारियों को भेजता है और न ही अपने सदस्य देशों में से किसी से यह डिमांड करता है कि उस शख्स को गिरफ्तार किया जाए।

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