न्यूयॉर्क से लेकर टोक्यो तक रिलायंस और एलआईसी जैसी कंपनियों का बजेगा डंका, मोदी सरकार उठाने जा रही है यह कदम

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Published: 16 Oct 2020, 09:26 AM IST

  • डुअल लिस्टिंग को लेकर भारत सरकार नियमों में करने जा रही है अहम बदलाव
  • 7 देशों की जारी होगी लिस्ट, जहां के शेयर बाजारों में लिस्ट होंगी कंपनियां

नई दिल्ली। देश की बड़ी और स्टार्टअप कंपनियों के लिए काफी राहतभरी खबर है। आने वाले कुछ दिनों में भारतीय कंपनियां दूसरे देशों के शेयर बाजारों में धाक जमाती नजर आ सकती हैं। जिसमें रिलायंस के अलावा एलआईसी का नाम भी लिया जा रहा है। सरकार की ओर से अभी सिर्फ 7 देशों के शेयर बाजार पर फोकस करने में लगी हुई हैं। इसके लिए भारत सरकार अपने डुअल लिस्टिंग नियमों में बदलाव करेगी। जिसके बाद देश की बड़ी कंपनियों के साथ स्टार्टअप कंपनियां भी दूसरे देशों के शेयर बाजारों में लिस्ट होने की अपनी ख्वाहिश पूरी कर सकेंगी। इसमें फ्लिपकार्ट का नाम भी शामिल है।

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सरकार नियमों में बदलाव करने को सहमत
कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री और डिपार्टमेंटट ऑफ इकॉनमिक अफेयर्स डुएल लिस्टिंग के नियम को खत्म करने या फिर बदलाव करने पर मान गई है । जिसके तहत कोई भी कंपनी धन जुटाने के लिए विदेशी बाजारों में लिस्ट हो सकेगी। शर्त सिर्फ इतनी होगी कि उसे पहले भारत के शेयर बाजार में लिस्ट होना होगा। उससे पहले कोई दूसरी कंपनी विदेशी बाजारों में लिस्ट नहीं हो पाएगी। इस नियम के खत्म होने के बाद कोई भी कंपनी सीधे उन सात देशों के शेयर बाजारों में निस्ट हो सकती है। इन देशों में अमरीका, ब्रिटेन, जापान, इंग्लैंड आदि देश शामिल हैं।

लिस्ट में हांगकांक को नहीं किया गया शामिल
जिन 7 देशों के नामों पर विचार चल रहा है उसमें हांगकांग के शेयर बाजार को शामिल नहीं किया है, जबकि एशिया के सबसे प्रमुख अहम शेयर बाजार में शामिल है। इसके पीछे का कारण उसके चीन के सीमा में होने का कारण बताया गया है। वैसे सरकार इस लिस्ट और विस्तारित करने के संकेत दे चुकी है, लेकिन पहले इन 7 देशों में कंपनियों के प्रदर्शन को देखा जाएगा। जानकारी के अनुसार गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिटी में स्थित इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर का विदेशों में कई शेयर बाजारों के साथ टाईअप है। इससे भी भारतीय कंपनियों को मदद मिल सकती है।