एंटीगुआ का दावा, नागरिकता देने के वक्त भारतीय अधिकारियों से नहीं मिली थी आपत्ति

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Published: 03 Aug 2018, 02:39 PM IST

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एंटीगुआ के अधिकारियों आैर सरकार की आेर से जानकारी दी गर्इ है कि मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ की नागरिकता के लिए मई 2017 में आवेदन किया था।

एंटीगुआ का दावा, नागरिकता देने के वक्त भारतीय अधिकारियों से नहीं मिली थी आपत्ति

नर्इ दिल्ली। मेहुल चौकसी को एंटीगुआ में नागरिकता मिलने के मामले में नया मामला सामने आया है। जो चौंकाने वाली बात सामने आर्इ है वो ये है कि जब मेहुल चौकसी की आेर से 2017 में एंटीगुअा की नागरिकता के लिए अप्लार्इ किया था, तब भारत सरकार आैर अधिकारियों की आेर से कोर्इ आपत्ति नहीं मिली थी। एंटीगुआ के इस बयान से भारत सरकार आैर र्इडी के अधिकारियों की प्रत्यपर्ण की तमाम कोशिशों को गहरा झटका लगा है।

मिली थी भारतीय अधिकारियों से क्लियरेंस
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एंटीगुआ के अधिकारियों आैर सरकार की आेर से जानकारी दी गर्इ है कि मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ की नागरिकता के लिए मई 2017 में आवेदन किया था। खास बात ये है कि एंटीगुआ के अधिकारियों को भारतीय विदेश मंत्रालय के स्थानीय पासपोर्ट ऑफिस से पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट मिला था। प्राप्त जानकारी के अनुसार एंटीगा और बारबुडा की संस्था ‘द सिटिजनशिप बाई इनवेस्टमेंट’ ने चोकसी के नागरिकता आवेदन को इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन से कड़ी जांच पड़ताल और अंतर्राष्ट्रीय जांच कराने के बाद मंजूरी दी गई है। दूसरी आेर एंटीगुआ के राष्ट्रपति ने इस मामले में हर प्रकार से भारत का सहयोग करने की बात कही है।

भारत सरकार की कोशिशें जारी
हीरा कारोबारी ने एंटीगा की नागरिकता हासिल की जिससे वह अपने कारोबार को इस कैरेबियाई देश में बढ़ा सके और इसके साथ ही उसे 130 से ज्यादा देशों में बेरोकटोक आने-जाने की आजादी मिल सके। इस बीच भारतीय अधिकारियों की आेर से मेहुल चैकसी के प्रत्यर्पण की कोशिशें जारी रखी हुर्इ हैं। सीबीआई की आेर से एंटीगुआ के अधिकारियों से जानकारी मांगी है। एंटीगुआ के अधिकारियों की मानें तो सीबीआई ने पिछले सप्ताह एंटीगुआ प्राधिकरण को भेजे पत्र में मेहुल चौकसी के खिलाफ इंटरपोल के नोटिस और उसके मौजूदा ठिकाने के बारे में जानकारी मांगी है।

14 हजार करोड़ के घोटाले आरोपी
एंटीगुआ की आसानी से नागरिकता प्राप्त करने वाले मेहुल चौकसी पीएनबी में 14 हजार करोड़ रुपए का घोटाला करने वाले मुख्य आरोपियों में से एक हैं। मेहुल ने अपने भांजे नीरव मोदी के साथ मिलकर घोटाले को अंजाम दिया था। मामला खुलने से पहले दोनों देश छोड़कर फरार हो गए। जिसके बाद मेहुल एंटीगुआ में फरार हो गए।

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