अंतिम चरण में आइडिया-वोडाफोन विलय को मंजूरी, बन जाएगी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी

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Published: 27 Mar 2018, 07:01 PM IST

दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन ने कहा है कि प्रमुख दूरसंचार कंपनियों -आइडिया सेलुलर और वोडाफोन इंडिया के बीच विलय को मंजूरी अंतिम चरण में है।

नई दिल्ली। दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन ने मंगलवार को कहा कि प्रमुख दूरसंचार कंपनियों -आइडिया सेलुलर और वोडाफोन इंडिया के बीच विलय को मंजूरी अंतिम चरण में है। सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम से अलग सुंदरराजन ने कहा कि आइडिया-वोडाफोन विलय अपने अंतिम चरण में है। सुंदरराजन ने कहा कि इस विलय के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का अनुमोदन बाकी है। उन्होंने कहा कि लाइसेंस को भी थोड़ा उदार बनाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया मे कई तरह की मंजूरियां शामिल हैं। इसमें एक बार में मंजूरी देने जैसा मामला नहीं है।

राष्ट्रीय दूरसंचार नीति का मसौदा अंतिम चरण में
सुंदरराजन ने कहा कि राष्ट्रीय दूरसंचार नीति का मसौदा अंतिम चरण में है। उसके बाद इसे दूरसंचार आयोग के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और उसके बाद इसे सरकार के पास भेजा जाएगा। सचिव ने उम्मीद जताई की पांचवी पीढ़ी के नेटवर्क (5जी) के लिए कार्ययोजना जून तक तैयार हो जाएगी।

5जी तकनीक से होंगे सशक्त: सीओएआई
सीओएआई की ओर से आयोजित 'कैटलाइजिंग 5जी लांच इन इंडिया' कार्यक्रम में सुंदरराजन ने कहा कि 5जी प्रौद्योगिकी विकास से अगले दशक और उससे आगे के लिए विस्तारित कनेक्टिविटी की जरूरतों को पूरा करने के लिए नई सेवाओं को सक्षम करने, नए उद्योगों को जोड़ने, विभिन्न प्रकार के उपकरणों, और नए उपयोगकर्ता अनुभवों को सशक्त बनाने की उम्मीद है।

3जीपीपी के नए मानकों से होगा बदलाव
सीओएआई के महानिदेशक एस. मैथ्यूज ने कहा कि 3जीपीपी (तीसरी पीढ़ी की भागीदारी परियोजना) की ओर से तय किए गए नए मानकों और विशेषज्ञों की यह बैठक, भारतीय दूरसंचार कंपनियों को नई प्रौद्योगिकियों में बदलाव के लिए सक्षम बनाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विभिन्न क्षेत्रों की मांग अच्छी तरह से पूरी हो सके। 3जीपीपी एक मोबाइल संचार उद्योग सहभागिता है, जो मानकों और मोबाइल संचार मानकों के विकास का प्रबंधन करती है। सीएओआई ने एक बयान में कहा कि इसने कई मोबाइल संचार मानक विकसित किए हैं, जिसमें जीएसएम से लेकर यूएमटीएस और एलटीई और अब 5जी शामिल है।

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